मोदी सरकार के प्रयासों से उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा भारत, किसानों को समय पर मिल रही पर्याप्त खाद – सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी

 




भारत सागर न्यूज/देवास। देवास लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी द्वारा लोकसभा में देश में उर्वरकों एवं उनके कच्चे माल के आयात पर निर्भरता कम करने, घरेलू उत्पादन बढ़ाने तथा किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया गया। इस पर केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने विस्तृत उत्तर देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 के बाद उर्वरक क्षेत्र में ऐतिहासिक निर्णय लेकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।




इसी का परिणाम है कि वर्षों से बंद पड़ी उर्वरक इकाइयों का पुनर्जीवन किया गया, नई आधुनिक यूरिया इकाइयाँ स्थापित की गईं तथा उत्पादन क्षमता में रिकॉर्ड वृद्धि हुई। सरकार की इन दूरदर्शी नीतियों से किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो रही है और आयात पर निर्भरता लगातार कम हो रही है। सरकार ने लोकसभा में बताया कि नई निवेश नीति के तहत देश में छह नई अत्याधुनिक यूरिया इकाइयाँ स्थापित की गई हैं, जिनसे 76.2 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष अतिरिक्त उत्पादन क्षमता विकसित हुई है। वर्ष 2014-15 में जहाँ देश का यूरिया उत्पादन 225 लाख मीट्रिक टन था, वहीं वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर 314.07 लाख मीट्रिक टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया। 




इसके साथ ही राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 को मंजूरी देकर उत्पादन क्षमता में और वृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया गया है। सांसद श्री सोलंकी ने कहा कि वैश्विक संकटों और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों के बावजूद मोदी सरकार ने दूरदर्शी रणनीति अपनाते हुए सऊदी अरब, रूस, जॉर्डन, मोरक्को, टोगो, ट्यूनीशिया, सेनेगल, ओमान, जर्मनी तथा तुर्कमेनिस्तान जैसे देशों के साथ दीर्घकालिक समझौते किए हैं। इससे डीएपी, पोटाश, रॉक फॉस्फेट, फॉस्फोरिक एसिड तथा अमोनिया जैसे महत्वपूर्ण उर्वरकों एवं कच्चे माल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के माध्यम से ग्रीन अमोनिया के उपयोग को बढ़ावा देकर सरकार भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उर्वरक क्षेत्र को आत्मनिर्भर एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी कार्य कर रही है।





सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि केंद्र सरकार प्रत्येक फसल सीजन से पहले राज्यों की आवश्यकता का वैज्ञानिक आकलन कर उर्वरकों का आवंटन करती है। एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) के माध्यम से पूरे देश में उर्वरकों की उपलब्धता की निगरानी की जाती है तथा रेल मंत्रालय एवं राज्य सरकारों के समन्वय से किसानों तक समय पर खाद पहुँचाने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सांसद महेंद्र सोलंकी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल खाद उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि किसानों की लागत कम करना, कृषि उत्पादन बढ़ाना और भारत को उर्वरक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार की किसान हितैषी नीतियों से देश के करोड़ों किसानों को निरंतर लाभ मिलेगा तथा विकसित भारत के निर्माण में कृषि क्षेत्र और अधिक सशक्त होगा। उक्त जानकारी लोकसभा मिडिया प्रभारी शेखर कौशल ने दी।



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