सिविल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों ने किया प्रोसेसिंग प्लांट एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भ्रमण






भारत सागर न्यूज़/देवास। घरों से निकलने वाला गंदा पानी कहां जाता है और दूषित जल को दोबारा प्रयोग में लाने के लिए किस प्रकार से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रयोग किया जाता है, इन तमाम जानकारियां का अनुभव करने के लिए नासिक से भावी इंजीनियर देवास के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचे। केके वेग इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एजुकेशन एंड रिसर्च , नासिक (सिविल इंजीनियर) के 40 स्टूडेंट्स को एस.टी.पी का एक शैक्षिक भ्रमण कराया गया छात्रों को विभिन्न ट्रीटमेंट यूनिट पानी और गंदे पानी की गुणवत्ता के मानकों को बताया। 




(स्व.भा.मि.)से विशाल जोशी व अरुण तोमर द्वारा को छात्रों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के फायदे व तकनीक की जानकारी दी साथ ही छात्रों को को शहर से उत्पन समस्त अपशिष्ट की महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए शहर के ट्रेन्चिंग ग्राउंड स्थित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेन्टर (MRFC) का अवलोकन कराया गया व MRFC संचालन करने वाली संस्था मृत्युंजय जीवन धारा हेल्थ केअर एंड चैरिटेबल ट्रस्ट से अजीत कवचाले व आकाश कवचाले द्वारा बताया गया कि किस तरह प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले समस्त अपशिष्ट का प्रबंधन देवास नगर निगम व संस्था द्वारा किया जाता है। भ्रमण के दौरान ट्रेन्चिंग ग्राउंड प्रभारी दिनेश मिश्रा की उपस्थिति रही ,
दोनो प्लांट के भ्रमण के बाद छात्रों द्वारा अपने अनुभव सांझा किए।

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