गलगोटिया के बाद अब अमलतास? मानद उपाधि की टंकण त्रुटि ने खड़े किए बड़े सवाल?? जिलाध्यक्ष की पोस्ट से सामने आए त्रुटिपूर्ण उपाधि पत्र ने खोली लापरवाही की परतें, अब विद्यार्थियों के प्रमाणपत्रों की शुद्धता पर भी चिंता
राहुल परमार, 9425070079/देवास। फरवरी 2026 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी का नाम उस समय देशभर में चर्चा और ट्रोलिंग का विषय बन गया था, जब इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो में चीन में बने ‘रोबोटिक कुत्ते’ को अपना इनोवेशन बताकर पेश किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया। बाद में इसे ‘कम्यूनिकेशन एरर’ बताया गया, माफी भी मांगी गई, लेकिन तब तक संस्थान की साख पर सवाल उठ चुके थे। अब देवास में अमलतास विश्वविद्यालय का मामला भी कुछ वैसी ही चर्चा को जन्म देता दिखाई दे रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि वहां विवाद कथित इनोवेशन को लेकर था, जबकि यहां सवाल सीधे दस्तावेज़ीय शुद्धता, प्रबंधन की सतर्कता और संस्थागत जवाबदेही पर खड़े हो गए हैं। अमलतास विश्वविद्यालय द्वारा दी गई एक मानद उपाधि अब सम्मान से ज्यादा सवालों का विषय बन गई है। देवास जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव की सोशल मीडिया पोस्ट से सामने आए इस उपाधि पत्र में दिखीं टंकण और भाषा संबंधी त्रुटियों ने पूरे मामले को साधारण भूल से उठाकर बड़ी प्रशासनिक लापरवाही की बहस में ला खड़ा किया है। सवाल अब सिर्फ इतना नहीं रह गया कि प्रमाणपत्र में गलती कैसे हुई, बल्कि यह है कि ...