अखंड आश्रम में 'महायुद्ध': धोखाधड़ी और साजिश के आरोपों के बीच आमने-सामने आए दो पक्ष, पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में...
भारत सागर न्यूज/संजय शर्मा/उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन के प्रसिद्ध अखंड आश्रम में यात्री निवास के अनुबंध को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक भीषण कानूनी और वैचारिक जंग का रूप ले चुका है। जहाँ एक ओर फरियादी पक्ष ने करोड़ों की धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है, वहीं दूसरी ओर महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज ने इन आरोपों को आश्रम हड़पने की एक गहरी साजिश बताते हुए तीखा पलटवार किया है। इस पूरे प्रकरण में अब पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं, जिससे मामला और अधिक पेचीदा हो गया है। फरियादी पक्ष का आरोप: फर्जी अध्यक्ष बनकर किया करोड़ों का घोटाला फरियादी घनश्याम पटेल और उनके पुत्र सोहिल पटेल ने सीधे तौर पर शांति स्वरूपानंद पर आरोप लगाया है कि उन्होंने खुद को अखंड आश्रम ट्रस्ट का फर्जी अध्यक्ष बताते हुए यात्री निवास का अनुबंध किया और लाखों रुपए की जालसाजी की। उनके अनुसार, युगपुरुष स्वामी परमानंद ही ट्रस्ट के वास्तविक आजीवन अध्यक्ष हैं और शांति स्वरूपानंद कभी इस पद पर नहीं रहे। इसी आधार पर कोर्ट के आदेश के बाद महाकाल पुलिस ने शांति स्वरूपानंद,...