इंदौर भागीरथपुरा के दूषित पानी पर हंगामा, लेकिन कालीसिंध नदी की बदहाली पर सन्नाटा
भारत सागर न्यूज/विजेंद्र नागर/सोनकच्छ । कालीसिंध नदी अखंड तीर्थ आनंद आश्रम के सामने से गंदगी, काई और ठहरे हुए काले पानी के बीच घुट-घुट कर दम तोड़ती नजर आ रही है। नदी की धार में जमी भारी सिल्ट, आसपास की नालियों और सीवेज का सीधा प्रवाह तथा प्रशासनिक एवं राजनीतिक उदासीनता ने इसके अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। स्थिति यह है कि नदी किनारे स्थित श्मशान, मंदिर और मस्जिद जैसे आस्था व सम्मान के स्थलों के सामने से भी नालियों का गंदा पानी खुलेआम बह रहा है। जहाँ पवित्रता, शांति और श्रद्धा होनी चाहिए, वहाँ दुर्गंध और गंदगी का मंजर दिखाई दे रहा है, जो सामाजिक और धार्मिक मर्यादाओं पर भी सवाल खड़े करता है। खेती और स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा - चिंताजनक पहलू यह भी है कि इसी काले और दूषित पानी से नदी के नीचे बसे गांवों में सब्जी सहित अन्य फसलों की खेती की जा रही है। यह जहरीला पानी फसलों के माध्यम से सीधे आम लोगों की थाली तक पहुँच रहा है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे आने वाले समय में गंभीर बीमारियों, त्वचा व पेट संबंधी रोगों तथा दीर्घकालिक स्वास्थ्य संकट की आशंका से इनकार न...