अतिक्रमण की चपेट में मण्ड़ी परिसर , व्यापारियों ने दादागिरीपूर्वक सोसायटी तक जाने का रास्ता किया बंद,
- प्रबंधक ने पुलिस बुलवाकर खुलवाया रास्ता, मण्ड़ी प्रशासन मामले से अनभिज्ञ
भारत सागर न्यूज /विजेंद्र नागर/सोनकच्छ । गुरूवार रात्रि को व्यापारी के यहां कार्यरत चौकीदार व प्रबंधक के बीच रास्ते पर लगा गेट खोलने की बात लेकर विवाद का मामला सामने आया है। ज्ञात रहे कि मण्ड़ी परिसर में ही बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या. (बी-पैक्स) एवं मार्केटिंग सोसायटी के दोनों कार्यालय पास-पास स्थित है। दोनों कार्यालय तक आने-जाने का रास्ता व्यापारियों के कर्मचारियों ने दादागिरीपूर्वक गुरूवार को जाली का गेट लगाकर अस्थाई रूप से बंद कर दिया था।
बी-पैक्स के प्रबंधक देवेन्द्र सेंधव जब देर रात अपना कार्य निपटाकर घर के लिए निकले तो देखा कि जालियों के गेट से आम रास्ता बंद है और निकलने की कोई दूसरी जगह नहीं है। रास्ता इतना भी नहीं बचा था कि व्यक्ति पैदल या दो पहिया वाहन से आ-जा सके। रास्ता खुलवाने की बात को लेकर व्यापारी के रात्रिकालीन चौकीदार व प्रबंधक के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई थी चौकीदार ने रास्ता नहीं खोला जिस पर प्रबंधक को रास्ता खुलवाने के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ी। पुलिस डायल 112 पर फोन लगाया जब पुलिस मौके पर पहुंची और अवरूद्व रास्ते को पुलिस ने खुलवाया गया तब जाकर प्रबंधक सेंधव अपने घर के लिए रवाना हुए। प्रबंधक देवेन्द्र सेंधव ने बताया कि पूर्व में भी मण्ड़ी सचिव को रास्ता अवरूद्व होने की शिकायत की है।
इसके बावजूद भी मण्ड़ी सचिव द्वारा रास्ता खुलवाने व अतिक्रमण हटवाने को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जबकि दोनों कार्यालयों तक पूर्व में ट्रक, लोडिंग व किसानों के वाहन आसानीपूर्वक आते थे। व्यापारियों ने गोडाउन में अनाज रखने के बजाय बाहर खुले में ही अनाज का ढेर रख दिया और उसके आसपास जाली लगाकर अस्थाई अतिक्रमण लिया है। इतना ही नहीं धीरे धीरे अन्य व्यापारियों ने भी एक दूसरे को देखते हुए अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है जिसका खामियाजा किसान व वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है। मण्ड़ी परिसर में अन्य शासकीय विभाग भी संचालित है उन कार्यालयों तक वाहनों के आने जाने का रास्ता तक नहीं छोड़ा गया है।
कभी-कभार तो वाहन चालक व व्यापारियों के यहाँ कार्यरत मजदूरों के बीच वाहन निकालने की बात को लेकर विवाद होता रहता है। लेकिन आश्चर्य की बात तो यह है कि अतिक्रमण को होते देखकर भी मण्ड़ी प्रशासन आंख मूंदकर बैठा हुआ है। ऐसा प्रतित हो रहा है कि मण्ड़ी प्रशासन को किसानों व अन्य विभागों की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है केवल अपनी ड्यूटी देकर औपचारिकता पूरी कर रहे है। प्रबंधक देवेन्द्र सेंधव के द्वारा अन्य उच्च अधिकारियों को भी अतिक्रमण हटवाने को लेकर आवेदन देने की बात कही है। अब देखना यह है कि क्या मण्ड़ी प्रशासन इन व्यापारियों द्वारा किया गया अतिक्रमण हटाने में सफल हो पाते है या ऐसा ही चलता रहेगा।
‘‘ अतिक्रमण हटवाने के लिए मेरे द्वारा 24 दिसम्बर को ही मण्ड़ी के 4 व्यापारियों को नोटिस दिया है नोटिस का जवाब देने का 3 दिवस का समय है नोटिस का अभी तक कोई जवाब नहीं प्राप्त हुआ है। जल्द ही अतिक्रमण हटवाने की कार्यवाही की जाएगी। ‘‘
‘‘ अतिक्रमण हटवाने के लिए मेरे द्वारा 24 दिसम्बर को ही मण्ड़ी के 4 व्यापारियों को नोटिस दिया है नोटिस का जवाब देने का 3 दिवस का समय है नोटिस का अभी तक कोई जवाब नहीं प्राप्त हुआ है। जल्द ही अतिक्रमण हटवाने की कार्यवाही की जाएगी। ‘‘




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