जिला चिकित्सालय से तीन दिन की बच्ची हुई गुम, परिजनों ने किया जमकर हंगामा.......

परिजनों ने लगाए चोरी किये जाने के आरोप, सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से अस्पताल की व्यवस्था बदहाल
पूर्व पार्षद ने किया आत्मदाह का प्रयास, बच्ची को तलाशने के लिए 27 टीमें कर रही सर्चिंग


देवास जिला अस्पताल से आज अलसुबह एक तीन दिन की बच्ची गुम हो गई, परिजनों ने अस्पताल परिसर में उसकी तलाश भी की लेकिन बच्ची नहीं मिली, आशंका जताई जा रहीं हैं कि अज्ञात बच्चा चोर उसे चुरा ले गए हैं। बच्ची गुम होने की सनसनी पूरे अस्पताल में फैल गई, वहीं दूसरी और बच्ची के परिजनों ने जमकर हंगामा कर दिया। मामले को देख मौके पर पुलिस बल लगाने के साथ एसपी डॉ शिवदयाल सिंह व एएसपी मनजीत सिंह चावला भी जिला अस्पताल पहुँचे और बच्ची की माँ व उसके परिजनों से चर्चा की। एसपी ने अस्पताल परिसर व उसके आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज चेक कर आरोपियों की धड़पकड़ के निर्देश जारी किए हैं।
देवास जिला अस्पताल में वैसे तो आम दिनों में कोई न कोई लापरवाही बनी ही रहती है, लेकिन इस बार यह लापरवाही अस्पताल और उसके जिम्मेदारों के लिए शर्मसार कर देने वाली है। आम दिनों अक्सर यहां मोबाइल चोरी होने की घटनाएं हो चुकी है। पहले ही गरीब ईलाज और पार्किंग के बराबर शुल्क देकर यहां ईलाज कराने आता है और उपर से उनका सामान भी चोरी हो जाता है, ऐसे में आखिर गरीबों के लिए इस अस्पताल का ‘‘कायाकल्प’’ लगातार ढेर बनता जा रहा है। इस बार कोई मोबाइल या सामान यहां से चोरी नहीं हुआ बल्कि यहां से चोरी हुई है ‘‘मॉ की ममता’’ ! 

देवास। तीन दिन की बच्ची का अस्पताल से चोरी हो जाने का सनसनीखेज मामला  जिला चिकित्सालय में देखने को मिला। जिस पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर एबी रोड़ पर चक्काजाम तक लगा दिया। उधर माँ का रो-रो कर बुरा हाल था। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर रूपए मांगने का आरोप भी लगाया है। मामले को लेकर कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात चोर के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर प्रकरण को विवेचना में लिया है। हंगामें के बीच मामले को बढ़ता देख अस्पताल में पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित एसडीएम, एडीएम सहित पांचों थाने का बड़ी तादात में पुलिस बल मौजूद था। इसके साथ ही कांग्रेस और भाजपा नेता भी मौके पर मौजूद थे। वहीं हंगामे के बीच पूर्व पार्षद ने पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने का प्रयास भी किया था, मौके पर मौजूद पुलिस ने पूर्व पार्षद को आग लगाने से बचा लिया था। इसके बाद सेन समाज सहित परिजन कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जहां उन्होनें कलेक्टर से चर्चा की थी। कलेक्टर ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि जल्द ही उनकी बच्ची उन्हें मिल जाएगी। इस मामले को लेकर कलेक्टर ने बताया कि इसमें जो भी दोषी है उसे बक्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होनेंं कहा कि 27 टीमेंं बनाई गई है जो जल्द ही बच्ची को ढूंढ लेगी। 



बताया गया है कि तीन दिन जिला चिकित्सालय में तीन दिन पहले टीना पति लाखन वर्मा निवासी शाजापुर ने एक बालिका को जन्म दिया था। बालिका की मां के अनुसार नवजात उसकी रिश्तेदार के पास सोई हुई थी इसी दौरान 3.30 रात्रि में मां की नींद खुली और जब आपस में बालिका के बारे में बातचीत की गई की वह कहा है जब तक बालिका गायब हो चुकी थी। जैसे ही मां ने उसे इधर उधर देखा लेकिन वह कही पर भी नहीं मिली। परिजनों ने नवजात के गुम होने की सूचना अस्पताल प्रबंधन व सिटी कोतवाली पुलिस को दी। मामले में थाना कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 363 क तहत प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में एसपी डॉ शिवदयाल सिंह भी पहुंचे और पुरे मामले में जानकारी ली गई। इधर आक्रोशित परिजनों ने प्रशासन को दो घंटे के अंदर बालिका को खोजने का अल्टिमेटम दिया है।



बच्ची को देखा तो वह नहीं दिखी

नवजात को जन्म देने वाली माँ टीना वर्मा ने बताया कि बच्ची को टीका लगा हुआ था देर रात 2.30 बजे से वह परेशान हो रही थी जिस पर मेरी सासु के पास पलंग के नीचे उसे सोने के लिए दे दिया था। उसके बाद रात 3.30 बजे बच्ची को देखा लेकिन वह नहीं मिली। फिर बच्ची को आसपास ढूंढा लेकिन नहीं मिली जिसके बाद मेरे पति को सूचना दी उसके बाद से सभी लोग ढूंढ ही रहे है। 



पेट्रोल डालकर किया आत्मदाह का प्रयास

एक और परिजनों का लगातार हंगामा चल रहा था, इसी के बीच पूर्व पार्षद रूपेश वर्मा ने जिंदा जलने की पूरी तैयारी कर ली थी, उन्होंने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया और खुद को जलाने वाले ही थे, कि ऐन वक्त पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया, इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार कर दिया था। 



कायाकल्प होने के बाद भी नहीं है सीसीटीवी कैमरे

जिला चिकित्सालय में जब से कायाकल्प हुआ है तब से लेकर अब तक कई बार यहां पर विवाद हुए, छुटपुट घटनाएं भी सामने आई है। वहीं चोरी की घटना भी हो चुकी है। इसके बाद अब बच्ची के चोरी हो जाने की घटना सामने आई है। उसके बावजूद यहां पर सीसीटीवी कैमरे नहीं है, जबकि सूत्रों का कहना है कि यहां पर सीसीटीवी कैमरे पूर्व से ही नहीं लगे है। सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से व्यवस्था बदहाल है। 



27 टीमें कर रही सर्चिंग, लापरवाही करने वालों पर होगी कार्रवाई 

कलेक्टर चन्द्रमौली शुक्ला ने बताया कि नगर निगम व पुलिस की 27 टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में बच्ची को तलाश रही है। उन्होनें बताया कि यह भी देखा जा रहा है कि इस प्रकार की जो लापरवाही सामने आई है उसके लिए जो जवाबदार कर्मचारी अधिकारी है उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई करेंगे। इस संबंध में सरकार और संभागायुक्त को अवगत करा दिया गया है। अभी हमारी प्राथमिकता है कि जो बच्ची गुमी है वह जल्द ही मिल जाए। अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे नहीं चल रहे है, जो भी जवाबदार उन्हें देखता है उन पर भी निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। पिछले तीन-चार दिनों से संज्ञान में आ रहा है कि जिला अस्पताल किसी ना किसी कारण से अस्पताल का प्रशासन अच्छी तरह से संचालित नहीं हो रहा है। कुछ समय के लिए प्रशासनिक अधिकारी को वहां लगाया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस प्रकार को कोई घटना ना हो।

बताया जा रहा है कि देर शाम तक पुलिस को इस मामले में अहम सुराग मिले हैं जिससे लगता है कि यह मामला जल्दी ही सुलझ जायेगा हालांकि एसपी डॉ शिवदयाल सिंह ने मामले में कहां कि सूचना मिली है तफ्तीश करवा रहें हैं कि जो नवजात शिशु हैं वह गुम कैसे हुआ हैं। शुरुआती दौर में केस रजिस्टर्ड कर मामले में जांच की जा रहीं हैं, साथ ही कौन अंदर था या आया था उसकी सीसीटीवी फुटेज चेक कर आगे की कार्यवाही की जा रही हैं।

मामले में पुलिस ने एक वीडियो भी जारी किया जिसमें गाड़ी पर सवार होकर संदिग्ध जाते दिख रहे हैं लेकिन इसमें भी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। इधर शाम तक जिला कलेक्टर ने कलेक्टर शुक्ला ने जिला चिकित्सालय देवास में प्रसूति वार्ड में बच्चा गुम होने की घटना घटित होने पर अस्पताल में प्रशासकीय नियंत्रण, सुरक्षा एवं अन्य बेहतर व्यवस्था के लिए एसडीएम प्रदीप सोनी को जिला चिकित्सालय का प्रशासकीय अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही जारी आदेशानुसार कलेक्टर शुक्ला ने सीएमएचओ डॉ. एमपी शर्मा और सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. विजय कुमार सिंह को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। वहीं घोर लापरवाही करने पर आरएमओ डॉ मनोहर सिंह गौसर एवं नर्सिंग ऑफिसर पूजा रोजे को अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में लापरवाही/उदासीनाता एवं गंभीर अनियमितता बरतने पर निलंबित किया है। 

वहीं इस मामले में शुक्रवार को सेन समाज ने और कांग्रेसजनों ने भी ज्ञापन दिया है। कांग्रेसजनों ने तो यहां तक कह दिया कि पहले यहां गोली-दवाईयां चोरी होती थी लेकिन अब बच्चे चोरी होने लगे हैं। 

देखना होगा कि गुम हुई बच्ची को वापस मिलने में पुलिस और प्रशासन कब तक सफल हो पाती है। जिला चिकित्सालय के जिम्मेदारों द्वारा लगातार हो रही इन लापरवाहियों पर अब आम जनता से लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष एक मत में साथ खड़े हो चुके हैं, क्योंकि इस बार जिला चिकित्सालय की लापरवाहियों ने मॉ की ममता चोरी करने में घोर लापरवाही बरती है। यदि समय रहते इस प्रकरण को नहीं सुलझाया गया तो जिम्मेदारों को काफी विरोध झेलना पड़ सकता है। 


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