मृत महिला की फर्जी वसीयत बनाकर 3.34 हेक्टेयर भूमि हड़पने का आरोप

- देवास में नोटरी, गवाह और तहसीलदार की मिलीभगत से नामांतरण का गंभीर मामला




भारत सागर न्यूज/देवास।
जिले के सोनकच्छ तहसील अंतर्गत ग्राम जलेरिया में एक मृत वृद्ध महिला की फर्जी कूट-रचित वसीयत बनाकर कृषि भूमि हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पुत्रों ने आरोप लगाया है कि उनकी माता की मृत्यु के बाद आरोपियों ने नकली अंगूठा लगाकर वसीयत तैयार करवाई और उसी आधार पर तहसील न्यायालय से नामांतरण भी करवा लिया। 




प्रार्थीगण राजेन्द्रसिंह, मनोहरसिंह, हरिसिंह, विक्रमसिंह एवं धीरजसिंह (निवासी ग्राम घट्टीयागयासुर, तहसील हाटपीपल्या) ने जिला कलेक्टर देवास को शिकायत देकर बताया कि उनकी माता स्व. सुन्दरबाई के नाम ग्राम जलेरिया, तहसील सोनकच्छ में सर्वे नंबर 275, 326, 337, 338, 487 व 704 कुल 3.340 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज है, जो उन्हें अपने पिता स्व. गणपतसिंह से उत्तराधिकार में प्राप्त हुई थी।
        



शिकायत के अनुसार स्व. सुन्दरबाई का 15 जुलाई 2025 को लगभग 90–95 वर्ष की आयु में वृद्धावस्था के कारण निधन हो गया था। वे पिछले 5–6 वर्षों से पूर्णतः अशक्त थीं, बिस्तर पर रहती थीं और चलने-फिरने एवं सोचने-समझने में असमर्थ थीं। इसके बावजूद आरोपियों ने 20 जुलाई 2024 की तारीख दर्शाकर देवास में एक नोटरी के यहां वसीयत बनाए जाने का दावा किया। प्रार्थियों का कहना है कि उनकी माता पढ़ी-लिखी नहीं थीं, हस्ताक्षर करना नहीं जानती थीं और उम्र के कारण उनके अंगूठे की लकीरें तक समाप्त हो चुकी थीं, जिस कारण उनका आधार कार्ड भी नहीं बन पाया था। 


जबकि कथित वसीयत में साफ अंगूठे के निशान और “पढ़कर सुनकर सहमति से हस्ताक्षर” जैसी बातें लिखी हैं, जो पूरी तरह असत्य हैं। इतना ही नहीं, वसीयत में उनकी माता के पिता का नाम गलत (पदमसिंह) लिखा गया है, जबकि वास्तविक नाम गणपतसिंह था। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि जब उन्हें 25 नवंबर 2025 को सोनकच्छ तहसील न्यायालय से नोटिस मिला और उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई, इसके बावजूद तहसीलदार द्वारा फर्जी वसीयत के आधार पर नामांतरण कर दिया गया, जो गंभीर प्रशासनिक लापरवाही व मिलीभगत को दर्शाता है।
   



प्रार्थीगण ने मांग की है कि फर्जी वसीयत को जब्त कर अंगूठे की फॉरेंसिक जांच करवाई जाए। फर्जी वसीयत बनाने वाले आरोपियों, नोटरी अधिवक्ता एवं गवाहों पर दंडात्मक कार्रवाई हो। अवैध नामांतरण को निरस्त कर भूमि का वास्तविक वारिसों को कब्जा दिलाया जाए।

Comments

Popular posts from this blog

हाईवे पर होता रहा मौत का ख़तरनाक तांडव, दरिंदों ने कार से बांधकर युवक को घसीटा

आपत्तिजनक अवस्था में पकड़े गये देवास के मोहनलाल को उम्रकैद !

सतपुड़ा एकेडमी में हुआ देवी स्वरूपा कन्याओं का पूजन