युवा शक्ति की मिसाल बने धर्मेंद्र सिंह राजपूत नशे के खिलाफ अलख, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर विशेष:-
भारत सागर न्यूज/देवास। आज जब युवा पीढ़ी नशे जैसी सामाजिक बुराई की चपेट में आकर अपने भविष्य से भटक रही है, ऐसे समय में ग्राम छोटी चुरलाई के युवा कृषक धर्मेंद्र सिंह राजपूत आशा की किरण बनकर सामने आए हैं। युवा दिवस के अवसर पर उनका संघर्ष, सोच और संकल्प समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
देवास जिले के ग्राम छोटी चुरलाई निवासी युवा कृषक धर्मेंद्रसिंह राजपूत नशे के खिलाफ एक जनआंदोलन का रूप दे चुके हैं। उनका मानना है कि नशा युवाओं में केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक विकृतियां भी उत्पन्न करता है। जो युवा समाज की मुख्यधारा में रहकर राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभा सकते हैं, वही युवा नशे की गिरफ्त में फंसकर अपने जीवन की दिशा भटका रहे हैं।
धर्मेंद्र सिंह राजपूत स्वयं कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। सम्मान के बाद भी उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी को सर्वोपरि रखते हुए गांव-गांव जाकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना शुरू किया है। वे समय-समय पर संगोष्ठियों, संवाद कार्यक्रमों और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से युवाओं से सीधा संवाद कर रहे हैं। साथ ही गायत्री परिवार के माध्यम से नैतिक, आध्यात्मिक और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का संदेश दे रहे हैं, जिससे युवा नशे से दूर रह सकें।
धर्मेंद्र का कहना है कि नशा केवल मादक पदार्थों तक सीमित नहीं है, बल्कि मोबाइल, गलत संगत, आलस्य और भोगवादी जीवनशैली भी नशे का ही एक रूप है। यदि युवा इनसे दूर रहकर सही दिशा में आगे बढ़ें, तो न केवल उनका भविष्य उज्ज्वल होगा बल्कि देश भी प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा। वे युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने और नियमित योग व व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हैं। उनका मानना है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है और स्वस्थ युवा ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।
पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी भूमिका-
नशा मुक्ति के साथ-साथ धर्मेंद्र सिंह राजपूत पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने युवा दिवस पर प्रत्येक युवा से प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने की अपील की। स्वयं उन्होंने अपने खेत की मेढ़ों पर बड़ी संख्या में पौधे लगाए, जो आज हरे-भरे पेड़ों का रूप ले चुके हैं। धर्मेंद्र का कहना है कि पौधारोपण से न केवल पर्यावरण का संरक्षण होता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण भी सुनिश्चित होता है।
युवा दिवस पर संकल्प का संदेश-
युवा दिवस के अवसर पर धर्मेंद्र सिंह राजपूत ने युवाओं से आह्वान किया कि वे संकल्प लें स्वयं भी नशा नहीं करेंगे और जो नशे की गिरफ्त में हैं, उन्हें इससे बाहर निकालने का हर संभव प्रयास करेंगे।
धर्मेंद्र सिंह राजपूत की यह पहल साबित करती है कि यदि युवा ठान लें, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना संभव है।




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