तेंदुए की मौत में जबरन फसाया गया, किसानों के खेतों में लगाए गए करंट के तारों से मौत की आशंका

- सातखोरी नई आबादी के लोग बडी संख्या में पहुंचे कलेक्टर, निष्पक्ष जांच की मांग




भारत सागर न्यूज/देवास।
जिले के नागदा क्षेत्र अंतर्गत सातखोरी नई आबादी से तेंदुआ मौत में निदोषों को फसाएं जाने पर वार्ड क्रमांक 45, सातखोरी नई आबादी के लोग बडी संख्या में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। 




अखिल भारतीय घुम्मकड जनजाति नाथ समाज जिलाध्यक्ष भगवान सिंह नाथ ने बताया कि घुम्मकड जनजाति के लोग बडी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। 




जहां मौके पर जिलाधीश ऋतुराज सिंह को आवेदन देते हुए बताया कि तेंदुए की मौत के मामले में पन्नानाथ पिता चुन्नीलाल एवं भंवरनाथ पिता गणपत नाथ को जबरन आरोपी बनाया गया है। 2 जनवरी 2026 को पालनगर क्षेत्र में किसानों द्वारा अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए झटका लाइट (करंट युक्त तार) लगाए गए थे। 




इसी दौरान एक तेंदुआ इन तारों की चपेट में आ गया, जिससे करंट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। उनका कहना है कि यह एक दुर्घटना थी, न कि किसी प्रकार का शिकार। आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि घटना के दो दिन बाद कुछ लोगों द्वारा उनके घरों पर हमला कर उन्हें तेंदुआ मारने का आरोपी बताया जा रहा है। 



घुम्मकड जाति के लोगों ने मांग की है कि तेंदुआ की मौत का विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और निर्दोष लोगों को झूठे आरोपों से राहत मिल सके। यह मामला प्रशासन और वन विभाग के लिए गंभीर जांच का विषय बन गया है। 




कलेक्टर ने सभी की समस्या सुनने के बाद वन विभाग के संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर निष्पक्ष जाँच कराए जाने आश्वासन दिया है। इस दौरान बडी संख्या में घुम्मकड जाति के परिवारजन बच्चों सहित उपस्थित थे।



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