शहर के मुख्य मुक्ति धाम मे सूखी लकड़ी नहीं, गीली लकड़ी से दाह संसार करने पर है मजबूर परिजन
- दो-तीन दिन से सूखी लकड़ी का संकट गीली लकड़ी पर दाह संस्कार करने पर है परिजन मजबूर
भारत सागर न्यूज/देवास। शहर के मुख्य मुक्तिधाम मे अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि परिजनों को गीली लकड़ी होने से दाह संस्कार करने में भारी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदार इस और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा दाह संस्कार करने वाले परिजनों को भुगतना पड़ रहा है।
लगभग तीन-चार दिन से दाह संस्कार अंत्येष्टि के लिए परिजनों को सूखी लकड़ी नहीं मिल पा रही है। गीली लकड़ी से ही कपूर, शक्कर आदि डालकर अंतिम संस्कार करने पर मजबूर है। गोडाउन भंडारण भी खाली पड़े हुए हैं। नगर जनहित सुरक्षा समिति द्वारा मुख्य मुक्ति धाम पर देखा कि परिजन अंत्येष्टि के लिए परेशान हो रहे हैं। गीली लकड़ी जिसमें से पानी रिस रहा है। कंडो पर भी सीलन हो रही है. ऐसा कोई पहली बार नहीं हो रहा है।
कई बार ऐसा देखने में आया है, कि शमशान में सूखी लकड़ी नहीं मिलती है। सूखी लकड़ी नहीं मिलने का एक कारण यह भी हो सकता है कि वहां लकड़ी तोल कर दी जाती है।और गीली लकड़ी में वजन ज्यादा होने से वह कम चढ़ती है। शायद इसलिए सूखी लकड़ी का संकट बताया जाता है।
नगर जनहित सुरक्षा समिति के अनिल सिंह बेस, विनोद सिंह गौड, सुनील सिंह ठाकुर, विजय सिंह तंवर, सुभाष वर्मा, सुरेश रायकवार, उमेश राय, अर्जुन सिंह ठाकुर, आनंद सोनी, राकेश चौहान, अनूप दुबे, राजेंद्र गौड़, सत्यनारायण यादव सुमेरसिंह जाधव ने मुक्तिधाम पर सूखी लकड़ी की शीघ्र व्यवस्था करने की मांग प्रशांसन से की हैँ।




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