उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल हाईवे भू-अर्जन में मुआवजा निर्धारण को लेकर किसानों का ज्ञापन




भारत सागर न्यूज/नागदा। उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल हाईवे परियोजना के अंतर्गत अधिग्रहित की जा रही कृषि भूमि के मुआवजा निर्धारण को लेकर नागदा-उन्हेल तहसील क्षेत्र के किसानों में गहरी नाराजगी व्याप्त है। इसी क्रम में तहसील नागदा-उन्हेल के अंतर्गत आने वाले लगभग 20 ग्रामों के सैकड़ों प्रभावित किसान आज अनुविभागीय कार्यालय नागदा में एकत्रित हुए तथा माननीय अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) महोदय नागदा के माध्यम से माननीय जिला कलेक्टर, उज्जैन के नाम एक ज्ञापन सौंपा। 




जिसमें किसानों नें मांग रखी है कि भू-अर्जन मुआवजे का सही, न्यायसंगत और वास्तविक बाजार मूल्य के आधार पर पुनर्मूल्यांकन किया जाए। वर्ष 2014-15 से 2024-25 तक की गाइडलाइन पर प्रति वर्ष 20ः वृद्धि को जोड़ते हुए उसके पश्चात चार गुना मुआवजा निर्धारित किया जाए। साथ ही मुआवजे में 20 प्रतिशत पोटेंशियल रेट एवं 20प्रतिशत फ्यूचर रेट भी जोड़ा जाए। किसानों का कहना है।




कि वर्ष 2015 की गाइडलाइन की तुलना में वर्ष 2025 की गाइडलाइन कम कर दी गई है, जबकि वास्तविक रियल एस्टेट बाजार में भूमि के दाम कई गुना बढ़ चुके हैं। अन्य सभी क्षेत्रों में पिछले 10 वर्षों में वेतन, सेवाओं एवं वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, लेकिन किसानों की भूमि का मूल्यांकन उल्टा कम किया जाना उनके साथ अन्याय है। ज्ञापन में किसानों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मुआवजा निर्धारण वास्तविक बाजार मूल्य और उपरोक्त आधारों पर नहीं किया गया, तो वे अपनी भूमि देने को तैयार नहीं होंगे और आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। 




प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों के हितों की रक्षा करते हुए पारदर्शी और न्यायपूर्ण मूल्यांकन कराया जाए, ताकि अनावश्यक टकराव की स्थिति उत्पन्न न हो। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। यह ज्ञापन समस्त प्रभावित किसान एवं ग्रामवासी उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल हाईवे क्षेत्र की ओर से प्रस्तुत किया गया।

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