देवास में कई CSC केन्द्र हुए अस्थायी रुप से बंद ..... नियम विरुध्द संचालन पर प्रशासन ने की कार्यवाही
देवास। आम नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं से लेकर आयुष्मान भारत, पासपोर्ट, किसान क्रेडिट कार्ड और पैन कार्ड जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण शासकीय सेवाएँ उपलब्ध कराने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) अब देवास जिले में कड़ी निगरानी के दायरे में आ गए हैं। शासन द्वारा निर्धारित नियमों और मानकों की अनदेखी करने वाले CSC केंद्रों के विरुद्ध प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अनियमित पाए गए केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
प्रशासनिक जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिले में संचालित कुछ CSC केंद्र आवश्यक दस्तावेजों, सुरक्षा मानकों एवं शासन के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे। इन केंद्रों की गतिविधियाँ न केवल नियमविरुद्ध थीं, बल्कि आमजन की निजी जानकारी और शासकीय सेवाओं की विश्वसनीयता के लिए भी जोखिमपूर्ण मानी गईं। ऐसे सभी CSC केंद्रों को चिन्हित कर तत्काल प्रभाव से बंद करने की कार्रवाई की गई है।
CSC अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आम नागरिकों का CSC केंद्रों पर विश्वास बनाए रखने तथा उनकी पहचान और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अब सभी CSC केंद्रों का संचालन नव-निर्धारित नियमों के अंतर्गत अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक CSC केंद्र को नियमित रूप से निर्धारित प्रक्रियाओं से गुजरना होगा।
नई व्यवस्था के अनुसार अब प्रत्येक CSC केंद्र के लिए प्रतिवर्ष पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य किया गया है, जिससे केंद्र संचालकों की पृष्ठभूमि की पुष्टि हो सके। इसके साथ ही आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को भी अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि सेवाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े की संभावना समाप्त की जा सके। इसके अतिरिक्त, सभी CSC केंद्रों को शासन द्वारा तय किए गए मानकों के अनुरूप CSC ब्रांडिंग करना भी आवश्यक होगा, जिससे आम नागरिकों को अधिकृत केंद्रों की स्पष्ट पहचान मिल सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में की गई कार्रवाई केवल प्रारंभिक कदम है। नियमविरुद्ध संचालित अन्य CSC केंद्रों की पहचान की प्रक्रिया लगातार जारी है और जो भी केंद्र तय मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनके विरुद्ध भी शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद किया जाएगा।
CSC अधिकारियों का कहना है कि यह सख्ती किसी विशेष को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि पूरी तरह जनहित में की जा रही है। आम नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग लेन-देन और शासकीय योजनाओं से जुड़ी सेवाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, नियमों की अनदेखी या अनधिकृत संचालन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



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