श्रीराम नाम से होता है मानव जीवन का उद्धार : पं. नरेंद्र नागर महाराज
भारत सागर न्यूज/देवास। मंडी व्यापारी एसोसिएशन धर्मशाला में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का समापन पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर व्यासपीठ से पं. नरेंद्र नागर महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि कोई भी कार्य चाहे छोटा हो या बड़ा, जब तक उसकी यज्ञ-हवन द्वारा पूर्णाहुति नहीं होती, तब तक वह सिद्ध नहीं माना जाता। यज्ञ-हवन से वह भूमि पवित्र हो जाती है और नकारात्मक शक्तियों से मुक्त हो जाती है। यज्ञ का धुआं पृथ्वी से आकाश तक पहुंचकर वातावरण को शुद्ध करता है।
पं. नागर महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम ने करोड़ों जीवों का उद्धार किया है। राम नाम से मनुष्य जीवन का कल्याण संभव है। ऐसे कृपानिधान श्रीराम और श्रीश्याम को उन्होंने बारंबार प्रणाम किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि जो भी कार्य करें, उसे पूर्ण लगन और एकाग्रता के साथ करें। कथा श्रवण तभी फलदायी होता है जब मन पूर्ण रूप से भक्ति में लीन हो। अस्त-व्यस्त मन से किया गया श्रवण पुण्य फल प्रदान नहीं करता।
इस अवसर पर पं. नरेंद्र नागर महाराज ने “राम-राम बोल सहारा मिलेगा, श्याम-श्याम बोल सहारा मिलेगा, सहारा मिला तो किनारा मिलेगा” जैसे भावपूर्ण भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथा के आयोजक बिंदल परिवार की ओर से रीना श्रवण बिंदल, प्रीति पुष्पेंद्र बिंदल, करिश्मा मंगल सहित उपस्थित अतिथियों ने व्यासपीठ पर पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की। समापन अवसर पर पूर्णाहुति के पश्चात महाप्रसादी भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी ग्रहण कर कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त किया।




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