उज्जैन-नागदा-जावरा मार्ग की दुर्घटनाओं का मुद्दा गूंजेगा विधानसभा में टु-लेन मार्ग को फोरलेन/चौड़ीकरण करने की कांग्रेस विधायक उठायेगे मांग
भारत सागर न्यूज/नागदा/संजय शर्मा । उज्जैन-नागदा-जावरा टु-लेन मार्ग पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और अत्यधिक यातायात दबाव को लेकर कांग्रेस विधायकों द्वारा आगामी विधानसभा सत्र में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाकर प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव एवं शून्यकाल के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए इस मार्ग को फोरलेन/चौड़ीकरण करने की स्वीकृत करने की मांग की जाएगी।
ये बात नागदा कांग्रेस पूर्व विधायक दिलीप सिंह गुर्जर ने प्रेस वार्ता में कही उन्होंने कहा की मेरे कार्यकाल में ही उज्जैन-जावरा रोड का निर्माण बीओटी टु-लेन के रूप में किया गया था उस समय से ही यातायात के अत्यधिक दबाव को देखते हुए इसे फोरलेन करने की मांग लगातार की जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा उज्जैन-नागदा-जावरा रोड को फोरलेन किए जाने के बजाय उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे के रूप में नयी रोड की स्वीकृति दे दी जिससे मौजूदा मार्ग के चौड़ीकरण की मांग की अनदेखी हुई है तथा अधिकारीगण भी गलत जानकारी प्रेषित कर रहे है जबकि लगातार हो रही दुर्घटनाओ के चलते उज्जैन-नागदा-जावरा मार्ग को फोरलेन करने के साथ-साथ अंतर्राज्यीय यातायात को दृष्टिगत रखते हुए ग्रीनफील्ड हाईवे रोड की भी आवश्यकता है।
ग्रीनफील्ड हाईवे से क्षेत्र की उन्नति और विकास में कोई विशेष योगदान नही रहेगा परंतु वर्तमान टु-लेन को फोरलेन करने से क्षेत्र में उन्नति, विकास और रोजगार के अवसर बढेगें तथा प्रतिदिन हो रही दुर्घटनाओं का सिलसिला भी थमेगा।
बीओटी टु-लेन और प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे के संबंध में कांग्रेस विधायकों को विस्तृत जानकारी दी गई है, ताकि विधानसभा में व्यापक रूप से यह विषय उठाया जा सके। सिंहस्थ से पूर्व स्टेट हाईवे-17 उज्जैन-नागदा-जावरा मार्ग को फोरलेन/चौड़ीकरण किया जाए। यदि वित्तीय अभाव हो तो वैकल्पिक रूप से नागदा-उन्हेल-भेरूगढ़ 51 किलोमीटर मार्ग को फोरलेन किया जाए।
इसके अतिरिक्त ग्रीनफील्ड हाईवे में खाचरौद क्षेत्र में चौकी व नागदा क्षेत्र में भाटीसुडा इंटरचेंज बनाये जाए, किस-किस प्रकार के वाहन रोड पर चलना प्रतिबंधित रहेंगे तथा ग्रीनफील्ड हाईवे जो 10-12 फीट ऊंचाई को कम करके सामान्य फोरलेन हाईवे के रूप में निर्माण करने, किसानों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी, नालों, फ्लाईओवर, अंडरपास, पुल-पुलिया पर दोनों ओर सीढ़ी एवं रैम्प निर्माण का प्रावधान भी सुनिश्चित करने की मांग रखी जाएगी, ताकि पैदल आवागमन सुरक्षित हो सके।




Comments
Post a Comment