अधिक बिजली बिल और डीपी से खतरे को लेकर ग्रामीण ने की शिकायत
- गलत रीडिंग और अभद्र व्यवहार का आरोप, कलेक्टर से की जांच की मांग
भारत सागर न्यूज/देवास। जिले की हाटपिपल्या तहसील के ग्राम घटिटया गयासुर निवासी एक ग्रामीण ने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता राजेन्द्र सेंधव ने जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन देकर घरेलू बिजली बिल में गड़बड़ी और विभागीय कर्मचारियों के दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है।
राजेन्द्र सेंधव ने बताया कि उनके घरेलू बिजली कनेक्शन का मासिक बिल सामान्यतः 200 से 300 रुपये के बीच आता रहा है, लेकिन इस माह 4510 रुपये का बिल जारी कर दिया गया। उनका कहना है कि घर में किसी प्रकार का अतिरिक्त विद्युत लोड नहीं है, इसके बावजूद इतनी अधिक राशि का बिल भेजा गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी कृष्णपाल सिंह सेंधव और उसके भाई शुभम सेंधव द्वारा जानबूझकर अधिक रीडिंग दर्ज की गई। इस संबंध में जब उन्होंने जूनियर इंजीनियर (जेई) सुधीर यादव से शिकायत की, तो उन्होंने कथित रूप से कर्मचारियों का पक्ष लेते हुए अभद्र व्यवहार किया और कहा kl कि “जहां शिकायत करना है कर दीजिए।”
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनके घर के पास स्थित डीपी (डिस्ट्रिब्यूशन पॉइंट) की स्थिति बेहद जर्जर है। डीपी को लकड़ी के अस्थायी सहारे से टिकाया गया है और तार ढीले लटके हुए हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। इससे आसपास खेल रहे बच्चों और मवेशियों की जान को खतरा बना हुआ है। ग्रामीण ने डीपी के खंभों और तारों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
राजेन्द्र सेंधव ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने बिल में सुधार की बात उठाई तो संबंधित सुपरवाइजर ने अभद्र व्यवहार करते हुए भविष्य में और अधिक बिल भेजने की धमकी दी।
शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन और विद्युत मंडल के अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही बिल की पुनः जांच, लोड परीक्षण और सुरक्षा की दृष्टि से डीपी की शीघ्र मरम्मत कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने अपने आवेदन के साथ पूर्व एवं वर्तमान बिल की प्रतियां तथा डीपी की स्थिति दर्शाने वाली तस्वीरें भी संलग्न की हैं।






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