सिंहस्थ से पहले सडक पर संग्राम, फोरलेन नही तो स्वेच्छिक नागदा बंद की चेतावनी
- युवक कांग्रेस की पदयात्रा रोकी, धारा 151 में गिरफ्तारी, थाने का घेराव
भारत सागर न्यूज/संजय शर्मा/नागदा। लगातार हो रही दुर्घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन-जावरा मार्ग अथवा नागदा-उज्जैन मार्ग को फोरलेन किए जाने की मांग को लेकर युवक कांग्रेस द्वारा निकाली गई पदयात्रा को पुलिस ने चौपाल सागर के समीप रोक दिया। पुलिस ने धारा 151 के तहत पदयात्रियों को यह कहते हुए गिरफ्तार किया कि यात्रा की अनुमति नहीं ली गई है।
गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर मंडी पुलिस थाने पहुंचे और पदयात्रियों की रिहाई तक सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ थाने पर ही धरने पर बैठ गए। काफी देर तक चले गतिरोध के बाद प्रशासन ने पीसीसी सदस्य राधे जायसवाल, विधानसभा अध्यक्ष विरमसिंह गुर्जर, ब्लॉक अध्यक्ष रवि शर्मा रजला, पुष्कर पाटीदार, जिला महासचिव विरेन्द्रसिंह गुर्जर, जिला पंचायत सदस्य राधा मालवीय, जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि देवीसिंह चन्द्रवंशी, प्रकाश पंवार एवं कैलाश मालवीय सहित सभी गिरफ्तार पदयात्रियों को रिहा कर दिया।
रोड की स्वीकृति न होने पर स्वेच्छिक नागदा बंद की चेतावनी -
पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने शासन-प्रशासन के रवैये को दमनकारी बताते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन करना यदि अपराध माना जा रहा है, तो यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही फोरलेन निर्माण पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक करते हुए स्वैच्छिक नागदा बंद का आह्वान भी किया जाएगा।
4 विधायक, 2 सांसदों का क्षेत्र फिर भी उपेक्षा?
उज्जैन-जावरा मार्ग जो भाजपा के 4 विधायकों व 2 सांसदों के निर्वाचन क्षेत्र से होकर गुजरता है तथा उज्जैन, मंदसौर, नीमच, रतलाम जिले के 10 भाजपा विधायकों सहित उपमुख्यमंत्री जगदीश देवडा भोपाल, उज्जैन एवं अन्य स्थानों पर आवागमन हेतू उनके विधानसभा क्षेत्रों की हजारों जनता प्रतिदिन इस रोड पर आवागमन करती है और सडक दुर्घटना का शिकार हो रही है सैकड़ों मौतों के बाद भी सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर नहीं जाना गंभीर चिंता का विषय है। जबकि कांग्रेस व कांग्रेस विधायक फोरलेन/चौडीकरण की मांग को लगातार उठा रहे है।
2147 से अधिक दुर्घटनाएं, 600 से ज्यादा मौतें -
वर्ष 2014 से फरवरी 2026 तक भेरूगढ़, उन्हेल, नागदा, बिरलाग्राम, खाचरौद, बड़ावदा और जावरा औद्योगिक क्षेत्र में इस मार्ग पर 2147 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 600 से अधिक लोगों की मृत्यु और 3000 से अधिक लोग घायल हुए। आंदोलनकारियों का कहना है कि ये आंकड़े सड़क की भयावह स्थिति को दर्शाते हैं और फोरलेन निर्माण अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुका है।
इंदौर मेट्रोपोलिटन रीजन एवं सिंहस्थ रोड नेटवर्क के अंतर्गत बढ़ते औद्योगिक यातायात और आगामी सिंहस्थ में संभावित लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सड़क का फोरलेन अत्यंत आवश्यक है।
ग्रीनफील्ड हाईवे का तर्क भ्रामक -
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा शासन को गुमराह किया जा रहा है कि उज्जैन-जावरा मार्ग को फोरलेन करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण का कार्य प्रारंभ होने जा रहा है जबकि यह ग्रीनफील्ड हाईवे मुख्यतः दिल्ली-मुम्बई 8-लेन मार्ग से कनेक्ट होगा साथ ही जावरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच जिलों सहित दिल्ली, मुंबई, राजस्थान एवं गुजरात जैसे अंतर्राज्यीय फास्ट यातायात के लिए अधिक उपयोगी सिद्ध होगा इसमें सिर्फ फोर व्हीलर व भारी वाहन ही चलेगें अन्य वाहन प्रतिबंधित रहेगें।
जबकि आम नागरिको के टु व्हीलर, थ्री व्हीलर, ऑटो, टेम्पो, ट्रैक्टर, साईकिल व अन्य वाहन/साधन जो ग्रीनफील्ड हाईवे पर प्रतिबंधित रहेगें तो यातायात में उपरोक्त वाहनो से लाखो श्रद्धालु सिर्फ उज्जैन-जावरा बीओटी मार्ग का ही उपयोग करेगें जब प्रतिदिन इतनी दुर्घटना हो रही है यदि सिंहस्थ के समय कोई गंभीर दुर्घटना हुई तो प्रदेश की छवि खराब होगी। सिंहस्थ के समय उज्जैन आवागमन हेतू जितने मार्ग हो उतने कम रहेगें शासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
नागदा की उपेक्षा पर सवाल -
नागदा उज्जैन जिले में सबसे अधिक राजस्व देने वाला शहर है तथा जिले का दूसरा सबसे बड़ा नगर, प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र, मुंबई-दिल्ली के मध्य स्थित महत्वपूर्ण रेल व सड़क जंक्शन तथा इन्दौर मेट्रोपोलिटन सिटी का उपनगर है जहां से राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड सहित अनेक राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु/यात्री नागदा आकर उतरते है तथा पुनः नागदा से रेल्वे व सडक मार्ग के माध्यम से बड़ी संख्या में यात्री उज्जैन आवागमन करते हैं ऐसी स्थिति में कम से कम नागदा-उन्हेल-उज्जैन 51 किमी मार्ग को फोरलेन किया जाना समय की आवश्यकता बन चुका है।
आंदोलन होगा तेज, स्वेच्छिक नागदा बंद का होगा आह्वान -
पूर्व विधायक गुर्जर ने कहा कि यदि शासन ने शीघ्र निर्णय लेकर उज्जैन-जावरा मार्ग अथवा कम से कम नागदा-उन्हेल-भेरूगढ़-उज्जैन मार्ग के चौड़ीकरण की स्वीकृति प्रदान नहीं की, तो आंदोलन को और आक्रामक रूप दिया जाएगा। धरना, ज्ञापन, प्रदर्शन, जनआंदोलन एवं नागदा बंद जैसे कदम उठाए जाएंगे।
सिंहस्थ के दौरान यदि यातायात अव्यवस्था, चक्का जाम या कोई बड़ी दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी शासन और संबंधित विभागों की होगी।
पदयात्रा में राधेश्याम चौहान, नागेेश्वर मडवा, जितेन्द्र पाटीदार, राधेश्याम चन्द्रवंशी, कैलाश सिसौदिया, पंकज जाट, मांगीलाल गुर्जर, भीमराज मालवीय, दिलीप डाबरी, विक्रम गुर्जर, ब्लॉक अध्यक्ष जीवन ढोला पाटीदार, नपा उपाध्यक्ष दिनेश ठन्ना, बाबु नागर, राजेन्द्र धाकड, आदि शामिल थे।
थाने घेराव में वरिष्ठ कांग्रेसी बाबुदादा गुर्जर, पीसीसी सदस्य अनोखीलाल सोलंकी, धारासिंह सूरेल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष लोकेश चौहान, राधेश्याम चन्द्रवंशी, पार्षद प्रमोदसिंह चौहान, विशाल गुर्जर, अब्दुल शरीफ, आसिफ हुसैन, राजकुमार राठौर, मेघा धवन, दिपक गुर्जर, नरेन्द्र गुर्जर, अजय शर्मा, विनयराज शर्मा, गजेन्द्रसिंह चौहान, सुरेश उपाध्याय, निलेश गुर्जर, रोहित गुर्जर, अययुब मेव, सुरेश मावर, राजा यादव, अमित राठौर, विरेन्द्रसिंह सोलंकी, महेन्द्र आंजना, पिन्टु राजोरिया, हर्षद शुक्ला, लक्ष्मीनारायण शर्मा, सुजान ठाकुर, राजेन्द्र गुर्जर, राजकुमार गुर्जर, कमलेश चावण्ड, प्रमोद गौमे, संदीप मालवीय, विनोद धाकड, राजेश गुर्जर, सुशील जैन, अशोक मीणा, रणजीत क्षत्रिय, अहमद अली, साबीर पटेल, अर्जुन गुर्जर, दशरथ चन्द्रवंशी, मनीष रघुवंशी, ज्ञानेश्वर वत्स, निशा चौहान, असलम खान, फखरू भाई, जुनैद खान, राधेश्याम भीलवाडा, बापू चन्द्रवंशी, पदम बोडाना, सुभाष बैरागी, हिमांशु सैनी, अक्षय गुर्जर, संजय त्रिवेद्वी, कुलदीप प्रजापत, जगदीशसिंह राठौर, रतनसिंह गुर्जर, साबिर पटेल आदि उपस्थित थे।




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