देवास में ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण हेतु ‘मल्टी-स्टेकहोल्डर एडवाइजरी बोर्ड’ की उच्च-स्तरीय बैठक संपन्न
भारत सागर न्यूज/देवास। देवास जिले के ग्रामीण युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ट्रांसफार्मग ट्रांसफार्मइंग रूरल इंडिया फाउंडेशन द्वारा संचालित वर्क ओप्पोर्चुनिटी वेलबिंग वॉव हब के अंतर्गत ‘मल्टी-स्टेकहोल्डर एडवाइजरी बोर्ड’ की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन होटल रमाश्रय, विकास नगर, देवास में किया गया। इस बैठक की विशेषता टी. आर. आई. एफ. के प्रभावी नेतृत्व में शासन-प्रशासन, उद्योग, वित्तीय संस्थानों एवं शैक्षणिक संगठनों को एक साझा मंच पर लाना रहा। कार्यक्रम की रणनीतिक निगरानी कलेक्टर देवास द्वारा की गई, जबकि सीईओ जिला पंचायत श्रीमती ज्योति शर्मा ने अध्यक्षता करते हुए भविष्य की कार्ययोजना पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
बैठक में टी. आर. आई. एफ. से अभिषेक व्यास एवं सुधीर कुमार, एलडीएम, डीआईसी जीएम, आर-सेटी, एनआरएलएम, उद्यानिकी विभाग, टाटा, सनफार्मा, पशुपालन विभाग तथा जिला स्तरीय एनजीओ प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए सुझाव एवं सहयोग प्रदान किया।
प्रशासनिक नेतृत्व और टी. आर. आई. एफ. की भूमिका -
टी. आर. आई. एफ.ने इस आयोजन के माध्यम से विभिन्न हितधारकों के बीच एक सेतु की भूमिका निभाई। अपने संबोधन में श्रीमती ज्योति शर्मा ने कहा कि स्थायी रोजगार सृजन के लिए शासन और उद्योग जगत का समन्वित प्रयास अनिवार्य है। टी. आर. आई. एफ. के नेतृत्व में हुई इस उच्च-स्तरीय सहभागिता ने नीतिगत निर्णयों को जमीनी आवश्यकताओं से जोड़ने का सफल प्रयास किया।
बैठक के प्रमुख बिंदु एवं रणनीतिक निर्णय -
रोजगार का विकेंद्रीकरण: इंदौर, भोपाल और जबलपुर जैसे बड़े शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने हेतु देवास जिले में स्थानीय स्तर पर रोजगार अवसर विकसित करने पर सहमति बनी।
प्रसंस्करण आधारित अर्थव्यवस्था: प्राथमिक कृषि से आगे बढ़ते हुए द्वितीयक क्षेत्र के अंतर्गत लघु प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहन और रूरल रूरल इकोनॉमिक्इकोनॉमिक जोन मॉडल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
ए. आई. और आधुनिक तकनीक का उपयोग: कृषि उत्पादकता बढ़ाने और बाजार विश्लेषण को सशक्त बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर चर्चा हुई।
युवा उद्यमिता एवं काउंसलिंग: कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए नियमित करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिससे उन्हें स्व-रोजगार और उद्यमिता की ण्दिशा में प्रेरित किया जा सके।
संस्थागत समन्वय: बोर्ड की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया, ताकि संवाद और क्रियान्वयन की प्रक्रिया निरंतर बनी रहे।
यह पहल ‘समाज, सरकार और बाजार’ के प्रभावी एकीकरण का उदाहरण है। टी. आर. आई. एफ.के इस प्रयास ने देवास जिले को स्थानीय रोजगार एवं ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण के संभावित राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने का संकल्प लिया है। इस मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र से न केवल युवाओं का पलायन रुकेगा, बल्कि देवास एक आत्मनिर्भर आर्थिक हब के रूप में उभर सकेगा।






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