दो दिनी महोत्सव में होगा निमाड़ी मिर्च का तड़का 

खरगोन :-  मिर्च न सिर्फ निमाड़ में महत्व रखती है बल्कि हमारे रोज के भोजन का सबसे महत्वपूर्ण मसाला भी है। शायद ही ऐसा कोई व्यंजन होगा जिसमें इस मसाले का उपयोग नहीं किया जाता हो। जो बिना मिर्च के बनता हो। या यूॅ कहे तो अतिश्योक्ति नही होगी कि बिना मिर्च के भोजन की कल्पना भी संभव नही है। संसार का कोई व्यंजन क्यों न हो उसमें मिर्च या मिर्च का फलेवर या सॉस का अवश्य ही काम लाया जाता है। जहॉ तक फॅास्ट फुड की बात करे तो उसमें भी मिर्च फलेवर का सॉस उपयोग में लाया जाता है। चाहे वो चिली सॉस हो या टोमेटो सॉस हो ग्रीन और रेड मिर्च दोनो का बहुतायत में काम लिया जाता है। वैसे तो मिर्च मुख्य रूप से मसाला वाली फसल मानी जाती है, लेकिन हमारे निमाड़ में मिर्च खाने का मुख्य स्वाद भी यही माना जाता है। निमाड़ में मिर्च, प्याज के साथ रोटीे खाने का अपना जायका है। इन दिनों खरगोन के कसरावद में मिर्च महोत्सव की तैयारी जोरो पर चल रही है। यहॉ दो दिनी निमाड़ चिली फेस्टिवल 2020 का आयोजन किया जा रहा है। इस दो दिनी फेस्टिवल में एक विशेष फुड कोर्ट बनाया जा रहा है जिसमें निमाड़ के व्यंजन के साथ-साथ वो व्यंजन भी खाने को होंगे। जो विशेष तौर पर मिर्च के बने होते है।

 

तीस हजार फीट क्षेत्र में लेगा फुड कोर्ट आकार

 

कसरावद में 29 फरवरी और 1 मार्च को हो रहे दो दिवसीय मिर्च फेस्टिवल की तैयारियॉ जोरो पर शुरू हो गई है। यह आयोजन स्थानीय कृषि मंडी में होना है। मंडी में फेस्टिवल की तैयारियॉ हर लिहाज से माकुल व्यवस्थाएॅ की जा रही है। फिलहाल मंड़ी के बीच स्थित पत्थरों के टीले की कंटाई की जा रही है। यहॉ एक विस्तृत डोम स्वरूप लेगा। इसके अलावा एक और डोम बनाया जाएगा। 100×245 फीट के दो डोम बनाएॅ जा रहे है। इन सब के अलावा निमाड़ की मिर्च को जायका देने वाले क्षेत्र का भी विस्तार किया जा रहा है। यहॉ 30 हजार फीट क्षेत्र में फुड कोर्ट बनाया जा रहा है जिसमें सिर्फ मिर्च से बनने वाले व्यंजनों का न सिर्फ प्रर्दशन होगा बल्कि आप यहॉ आकर स्वाद भी ले सकते है। इसके पीछे मंशा यही है की मिर्च के व्यंजनों के साथ ही निमाड़ की मिर्च भी कहीं न कही अपना विशेष स्थान रखती है। इस मिर्च को बा्रॅडिंग के तौर पर उभारने के लिए शासन द्वारा फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है। मिर्च हमारे खरगोन की मुख्य रबि की फसलों में एक है साथ ही यहॉ प्रदेश मेगं सबसे अधिक उत्पादन भी होता है। हमारे किसानों को ज्यादा से ज्यादा इससे लाभ दिलाने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है।

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