शहर में निकला माँ दुर्गा का ऐतिहासिक विर्सजन चल समारोह, हजारो श्रद्धालुओ ने पहुंचकर माँ जगदम्बे को दी अंतिम विदाई


        देवास में नवरात्रि समापन पर माता दुर्गा का ऐतिहासिक विर्सजन चल समारोह शनिवार को ग्यारस पर शहर में बढ़ी धूमधाम के साथ निकला, जिसमें शहर सहित आसपास के क्षेत्रों की अनेक माता की विशाल प्रतिमाएं शामिल हुई। जिन्हें निहारने के लिए शहर सहित आसपास के क्षेत्रों के हजारों श्रद्धालु शहर पहुंचे और माता जगदम्बे को अंतिम विदाई दी। दरअसल शहर में माता जगदम्बे का विशाल चल समारोह निकला, जिससे पूरा शहर भक्तिमय हो गया। दोपहर 1 बजे बाद शुरु हुआ। ऐतिहासिक चल समारोह देर शाम तक चलता रहा। जिसमें एक से बढ़कर एक माता की प्रतिमाए निकली जिसे देखने के लिए शहर सहित आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोग जुटे। शहर में निकलने वाले मा दुर्गा के ऐतिहासिक चल समारोह को लेकर लोगों में सुबह से उत्साह नजर आ रहा था। चल समारोह में मां तुलजा भवानी व चामुण्डा माता की प्रतिमा बेलगाड़ी पर सवार थी। चल समारोह के दौरान ढोल, ताशे की धुन पर जहां कई युवा थिरक रहे थे तो कई अखाडों में कलाकार एक से बढ़ कर एक हैरतअंगेज कारनामें दिखा रहे थे। प्रतिमाओं के आने का सिलसिला शुरु हुआ। जो शहर के प्रमुख चौराहों सयाजी द्वार से शुरु होकर खेड़ापति मंदिर, तहसील चौराहा, नावेल्टी चौराहा, अलंकार मार्केट, पीठा रोड, तीन बत्ती चौराहा, जवाहर चौक,नयापुरा, जनता बैंक चौराहा और यहां से पुन: नावेल्टी चौराहा व फिर एकता क्लब चौराहे से मीरा बावड़ी होते हुए समाप्त हुई। उसके बाद माता प्रतिमाओं को आयोजकों द्वारा विसर्जन के लिए कालूखेड़ी तालाब पर ले जाया गया।


आजाद वीर सावरकर संस्था के बैनर तले हुआ चल समारोह सम्पन्न 

राजनीति करने वालो के लिए आज एक नया उदाहरण प्रस्तुत हुआ।ना नाम की चाह और ना क ख्वाहिश लेकिन अपने हौसले से सब के दिलो में जगह बना गया आजाद वीर सावरकर संस्था , ये संस्था युवा शक्ति का एक उदाहरण ही जो ठान ले तो कुछ भी कर सकता है । संस्था के बैनर तले युवाओं ने पूरे चल समारोह की व्यस्था संभाली और एक अलख भी जगाते हुए युवा जोश का उदाहरण प्रस्तुत किया । इस संस्था के युवाओं ने तमाम बाधाओं के बाद भी चल समारोह का सफल संचालन कर लोगो के दिलो में अपनी छवि बलाई युवाओं की इस टोली ने अपने जोश से और व्यवस्था से सभी का दिल जीत लिया ।




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