हाटपिपलिया के सिविल अस्पताल में टिटनेस का टोटा ... ! मरीज को बाहर से लाकर देना पड़ रहा इंजेक्शन !




    

हाटपिपल्या, संजू सिसोदिया

वैसे तो शासकीय अस्पतालों में लापरवाही की घटनाएं आम हो चुकी है लेकिन अब अस्पतालों में लगने वाले निःशुल्क इंजेक्शनों पर भी संकट आने लग गया है। मामला देवास जिले की हाटपिपलिया तहसील का है जहां एक मरीज को चोट लगने पर अस्पताल आना पड़ा। इसके बाद चोट लगने पर लगाया जाने वाला इंजेक्शन अस्पताल के चिकित्सक द्वारा पर्ची पर लिखा जाता है। लेकिन शासकीय सिविल अस्पताल के औषधालय पर उक्त इंजेक्शन की उपलब्धता ही नही होती है। ऐसी स्थिति में निःशुल्क मिलने वाले इंजेक्शन को मरीज को पैसे देकर निजी मेडिकल से लाकर लगवाना पड़ रहा है। यूं तो हाटपीपल्या अस्पताल कागजों में बड़े ही तरक्की कर रहा है पर यहां पर आने वाले मरीजों को आवश्यक दवाईयां और इंजेक्शन अधिकतर बाहर के  मेडिकल से बुलवा कर ट्रीटमेंट किया जा रहा है। कहीं निजी मेडिकल पर भेजकर शासकीय कर्मचारियों की ट्रीट तो नही हो रही है ?

हालांकि इस विषय में सिविल अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. जीवन यादव का कहना है कि पर्ची में लिखा गया टिटनेस टॉक्साइड का इंजेक्शन अस्पताल में नहीं है। इसलिए हमने विभाग को मांग पत्र भेजा है। वहीं गर्भवती महिलाओं को लगने वाला टिटनेस का टीका हमारे पास पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। 

इधर जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एमपी शर्मा ने कहा है कि टिटनेस के इंजेक्शन हमारे पास पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इस बारे में हाटपिपलिया सिविल अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर से जानकारी बुलवाकर जांच करवाई जायेगी। 




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