*#श्री_राम कथा के द्वितीय दिवस हुआ #शिव-पार्वती विवाह, भजनों पर झूमे भक्त, की फूलों की वर्षा | Bhajan

अहंकार को त्यागे बिना जीवन सफल नहीं : लखन महाराज





देवास। भगवान राम की कथा हमारे समाज को अनुशासन और प्रेम तथा सद्भाव का संदेश देती है। जिन घरों में भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण सहित हमारे देवी देवताओं एवं महापुरुषों की कथाओं का गुणगान होता है उन परिवारों में हमेशा सुख शांति बरसती है। उपरोक्त उद्गार मालीपुरा में माली समाज धर्मशाला में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस शुक्रवार को पंडित लखन जी महाराज ने व्यक्त किए। 




आयोजक पूर्व पार्षद सत्यनारायण माली ने बताया कि कथा के दौरान भक्तों ने धूमधाम से शिव-पार्वती का विवाह पारम्परिक रूप से मनाया। शिवजी बने नीतिन राठौड़ एवं पार्वती बनी वर्षा राठौड़ ने जैसे ही एक-दूसरे को वरमाला पहनाई भक्तों ने भक्तों ने फूलों की वर्षा कर भजनों पर जमकर नृत्य किया। महाराज श्री ने शिव पार्वती संवाद की कथा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि शिव पार्वती का जीवन चरित्र हमें सदैव विनम्र रहकर जीवन जीने की सद्प्रेरणा देता है। 



गणेश ने बह्मांड के बजाए माता पिता शिव-पार्वती को ही महत्वपूर्ण मानकर परिक्रमा की और संसार को माता-पिता के आदर और सेवा की आदर्श प्रेरणा दी। जो आज भी प्रासंगिक है। हमें भी दूसरों के दुख में सहयोग करना चाहिए। श्री राम कथा 11 मार्च तक प्रतिदिन दोपहर 1.30 से शाम 4.30 बजे तक चलेगी। कथा में कल श्रीराम जन्म महोत्सव मनाया जाएगा।

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