प्रथम सवारी 14 जुलाई और अंतिम शाही सवारी 18 अगस्त को, उज्जैन तैयार स्वागत को।


भारत सागर न्यूज/उज्जैन।  उज्जैन में श्रावण-भादौ मास 2025 के दौरान भगवान श्री महाकाल की पारंपरिक सवारियों की पूर्व तैयारियों को लेकर कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भगवान महाकाल की प्रथम सवारी 14 जुलाई को तथा अंतिम राजसी (शाही) सवारी 18 अगस्त को निकालने की रूपरेखा तय की गई। 

श्रावण मास में कुल चार सवारियां—14, 21, 28 जुलाई और 4 अगस्त को तथा भादौ मास में दो सवारियां—11 और 18 अगस्त को निकाली जाएंगी।


बैठक में श्रद्धालुओं के दर्शन, सुरक्षा और सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि दर्शन व्यवस्था सुव्यवस्थित हो, बेरिकेटिंग मजबूत हो और भीड़ नियंत्रण के लिए सभी उपाय समय पर पूर्ण किए जाएं। एडीएम प्रथम कौशिक द्वारा पॉवर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से सभी व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। 



भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी मंदिर से पूजन-अर्चन उपरांत प्रारंभ होकर महाकाल लोक, गुदरी चौक, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी, रामघाट शिप्रा तट, रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौक, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए मंदिर लौटेगी।



अंतिम राजसी सवारी 18 अगस्त को टंकी चौक से मिर्जा नईमबेग, तेलीवाड़ा, कंठाल, सतीगेट, सराफा होते हुए विस्तारित मार्ग से निकाली जाएगी। भस्म आरती का समय भी 11 जुलाई से 18 अगस्त तक बदला जाएगा। सामान्य दिनों में मंदिर के पट सुबह 3 बजे और सोमवार को 2.30 बजे खुलेंगे। प्रत्येक सोमवार को विशेष भस्म आरती होगी। कार्तिकेय मंडपम की अंतिम तीन पंक्तियों से चलित भस्म आरती दर्शन की व्यवस्था रहेगी।




दर्शनार्थियों के लिए सामान्य व शीघ्र दर्शन दोनों की अलग-अलग व्यवस्थाएं की जाएंगी। सामान्य दर्शन त्रिवेणी संग्रहालय से नंदी द्वार होते हुए मंदिर तक होंगे, जबकि ₹250/- शीघ्र दर्शन द्वार क्रमांक 1 और 4 से प्रवेश के साथ उपलब्ध रहेंगे। जल अर्पण की व्यवस्था सभा मंडप और कार्तिकेय मंडपम में जलपात्रों से की जाएगी।



जूता-चप्पल स्टैंड की व्यवस्था बड़ा गणेश मंदिर, मानसरोवर भवन और प्रशासनिक कार्यालय के पास की गई है, साथ ही हर स्टैंड पर चिकित्सा दल तैनात रहेगा। कावड़ यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए अलग से प्रवेश व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

मंगलवार से शुक्रवार तक विशेष अनुमति के बाद प्रवेश द्वार क्रमांक 4 से किया जाएगा, जबकि शनिवार, रविवार और सोमवार को सामान्य दर्शन व्यवस्था में ही शामिल होंगे।



पूरे सवारी मार्ग पर CCTV, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, स्वच्छता, विद्युत, पेयजल, चिकित्सा और विधि व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यपालिक दंडाधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया गया है। बैठक के बाद समस्त वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सवारी मार्ग का भौतिक निरीक्षण किया गया और सभी आवश्यक दिशा-निर्देश  विभागों को दिए गए।



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