महाअष्टमी पर हुई नगर पूजा, माता को लगाया मदिरा का भोग – 27 किमी तक नगर सिंचन




भारत सागर न्यूज/संजय शर्मा/उज्जैन शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर नगर की शांति एवं सुख-समृद्धि की कामना से जिला प्रशासन द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली नगर पूजा आज सुबह विधिविधान से आरंभ हुई। परंपरा अनुसार नगर पूजा के दौरान परिक्रमा मार्ग में स्थित सभी देवी, भैरव एवं हनुमान मंदिरों में पूजन-अर्चन के साथ-साथ पूरे मार्ग पर सतत मदिरा की धार अर्पित कर नगर सिंचन किया जा रहा है।




सुबह कलेक्टर रोशन सिंह एवं एसपी प्रदीप शर्मा ने परमारकालीन चौबीस खंबा द्वार स्थित महामाया एवं महालया माता की पूजा-अर्चना कर नगर पूजा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर माता को चुनरी व श्रृंगार सामग्री अर्पित की गई तथा बड़बाकल के रूप में भजिए, पूरी, भीगे चने एवं मदिरा का भोग लगाया गया।




मान्यता है कि नगर पूजा से नगर के समस्त रक्षक देवी-देवता प्रसन्न होते हैं तथा अतृप्त आत्माओं को तृप्ति मिलती है। इसके फलस्वरूप नगर की शांति, सुख-समृद्धि एवं प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा होती है।




पूजा आरंभ होने के बाद शासकीय कर्मचारियों एवं कोटवारों का दल नगर परिक्रमा के लिए रवाना हुआ। सबसे आगे ढोल और धर्म ध्वजा रही, जबकि कोटवार तांबे के पात्र में मदिरा लेकर तथा अन्य कर्मचारी बांस की टोकरियों में बड़बाकल (भजिए, पूरी और भीगे चने) लेकर चल रहे थे।




यह दल प्राचीन नगर की 27 किमी लंबी परिक्रमा करते हुए मार्ग में स्थित 40 से अधिक देवी, भैरव और हनुमान मंदिरों में पूजा-अर्चना कर बड़बाकल का भोग अर्पित करेगा। साथ ही तांबे के पात्र से सतत मदिरा की धार बहाकर नगर सिंचन किया जाएगा।




नगर पूजा का समापन आज रात्रि लगभग 8 बजे अंकपात स्थित हांडी फोड़ भैरव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ होगा।

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