नापतौल विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, पुराने वैध लाइसेंसधारी दर-दर भटकने को मजबूर
भारत सागर न्यूज/देवास। नापतौल विभाग में इस समय गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार जिन व्यक्तियों के पास वर्षों से पुराने और पूरी तरह वैध लाइसेंस मौजूद हैं, उन्हें जानबूझकर कार्य नहीं दिया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, नए लाइसेंस कथित तौर पर रिश्वत लेकर जारी किए जा रहे हैं। यह न केवल नियमों की खुली अनदेखी है, बल्कि लंबे समय से ईमानदारीपूर्वक कार्य कर रहे लाइसेंसधारकों के साथ सीधा अन्याय भी माना जा रहा है।
पुराने लाइसेंसधारी काम की मांग को लेकर लगातार विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आरोप है कि बिना लेन-देन के उनकी फाइलों को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा। इससे कई अनुभवी लोग बेरोजगारी और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग में एक तय “सेटिंग सिस्टम” के तहत पैसे लेकर नए लोगों को लाइसेंस दिए जा रहे हैं, जबकि पुराने और अनुभवी लाइसेंसधारकों को जानबूझकर दरकिनार किया जा रहा है।
यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि विभाग में भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण दिए जाने जैसा प्रतीत होता है।
इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी भी अधिकारी द्वारा कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया।



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