मनुष्य को पुनीत कार्य में दान करने हेतु कभी संकोच नहीं करना चाहिए - पं. दीपक स्वामी
- मां अलकेश्वरी मंदिर अलकापुरी में भागवत महापुराण कथा का भव्य आयोजन
भारत सागर न्यूज/देवास। अलकापुरी स्थित मां अलकेश्वरी मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण की पावन कथा के अंतर्गत परम पूज्य गुरुदेव पं. दीपक स्वामी महाराज ने भक्तों को प्रभु की निस्वार्थ भाव से भक्ति किस प्रकार करना चाहिए उसके उपदेश दिए भगवान की भक्ति करने से परम तत्व की प्राप्ति होती है एवं भगवान का धाम प्राप्त होता है।
मनुष्य को पुनीत कार्य में दान करने हेतु कभी संकोच नहीं करना चाहिए, क्योंकि धन की तीन गति बताई है दान भोग अरू नाश या तो ज्यादा से ज्यादा हमें हमारे धन का दान करना चाहिए या स्वयं के ऊपर उपभोग करना चाहिए नहीं तो अंत में उसे धन का नाश हो जाता है क्योंकि पुत कापुत तो क्यों धन शांच्या पुत सपूत तो क्यों धन-धन संत हैं।
आपका पुत्र अगर कपूत है तो आपको धन इकट्ठा करने की आवश्यकता नहीं है। वह आपके धन को बर्बाद कर देगा और अगर आपका पुत्र सपूत है तो भी आपको धन इकट्ठा करने की आवश्यकता नहीं है। वह स्वयं ही इतना सक्षम है
कि अपने सारी व्यवस्थाएं बना लेगा भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं की पावन कथा का वर्णन पूतना का उद्धार तृणावर्त सकट भंजन धेनु कसूर कंस के भेजे हुए कई राक्षसों का वाद कन्हैया ने किया एवं कालिया नाग को नथनी की पावन कथा पूज्य गुरुदेव ने सुनाई एवं इस प्रकृति की महिमा की प्रकृति क्यों जरूरी है और प्रकृति के कारण वन के कारण ही इस धरा पर वर्षा होती है।
कथा के मध्य में पूर्व देवास विकास प्राधिकरण अध्यक्ष राजेश यादव पहुंचे। जहां उन्होंने व्यासपीठ का पूजन कर पूज्य गुरुदेव का स्वागत का आशीर्वाद लिया।
यह उपदेश पूज्य गुरुदेव ने सभी भक्तों को दिए और गिरिराज धरण की पूजन कर 56 भोग लगाया सभी भक्तों ने नृत्य करते हुए आनंद प्राप्त किया।


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