नशे में था पति, गर्भवती पत्नी के लिए देवदूत बनी पुलिस — खुद गाड़ी चलाकर पहुंचाया अस्पताल
भारत सागर न्यूज/मध्यप्रदेश। मानवता और जिम्मेदारी की मिसाल पेश करती एक तस्वीर सामने आई है, जहां कानून का पालन करवाने के साथ-साथ पुलिस ने संवेदनशीलता भी दिखाई। रात करीब 10 बजे चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक युवक को रोका। युवक नशे की हालत में था और अपनी गर्भवती पत्नी को अस्पताल ले जा रहा था। युवक ने पुलिस से गुहार लगाई कि उसकी पत्नी को तेज दर्द हो रहा है और अस्पताल केवल दो किलोमीटर दूर है।
लेकिन पुलिस ने साफ कहा—अगर चालक ने एक बूंद भी शराब पी है, तो उसे गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी दौरान युवक की पत्नी ने दर्द में पुलिस से मदद की अपील की। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने एक अहम फैसला लिया। युवक को ड्राइविंग सीट से उतारकर पीछे बैठाया गया और एक पुलिसकर्मी स्वयं ड्राइविंग सीट पर बैठ गया।
पुलिसकर्मी ने कहा—
“हमारा फर्ज सिर्फ चालान करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद की मदद करना भी है।”
इसके बाद पुलिस ने सुरक्षित तरीके से गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाया। यह घटना न केवल कानून के प्रति सख्ती दिखाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि पुलिस सही मायनों में जनता की रक्षक है। यह मानवता भरा कदम लोगों के लिए एक प्रेरणा बन गया है।



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