“सिंहस्थ से पहले साधु-संतों में खींचतान: शैव अखाड़ों ने वैष्णव अखाड़ों से तोड़ा संबंध, ‘रामा दल अखाड़ा परिषद’ का गठन”
भारत सागर न्यूज/उज्जैन/संजय शर्मा । सिंहस्थ से पहले ही साघु संतो में दो फाड़ हो गई है। आज उज्जैन में शैव अखाड़ों के संतो की हुई बैठक में वैष्णव अखाड़े से सम्बंध तोड़ कर नये रामा दल अखाड़ा परिषद का गठन किया गया। स्थानीय अखाड़ा परिषद को भंग किये जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
आज खाक चौक स्थित रामानंदीय निर्मोही अखाड़े में शैव अखाड़े से जुड़े अखाड़ों की बैठक हुई। जिसमें तीनों अनि अखाड़े के साघु संत शामिल हुए। बैठक में स्थानीय अखाड़ा परिषद को भंग कर वैष्णव अखाड़े से अलग होने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही नये रामा दल अखाड़ा परिषद का गठन कर सर्वानुमति से पदाधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी गई।
जिसमें डॉक्टर रामेश्वर दास महाराज को नया अध्यक्ष चुना गया । बैठक में सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत भी किया गया। मिडिया के साथ बातचीत में डा रामेश्वर दास एवं महंत भगवान दास ने अखिल भारतीय अखाड़ा के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिये।
जब इस मामले में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविन्द्र पुरी महाराज से बातचीत की गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार करते हुए कहा कि हमारा किसी से भी कोई मन मुटाव नहीं है।




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