भाजपा ने स्कूल बंद किए, कांग्रेस ने भविष्य बनाया टाटपट्टी बयान पर पलटवार, भाजपा बताए क्षेत्र में एक भी नया स्कूल खोला हो?




भारत सागर न्यूज/नागदा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सांदीपनी स्कूल भवन उद्घाटन पर कांग्रेस शासन में छात्र टाटपट्टी के मोहताज होने के आरोपों का खंडन करते हुए पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने कहा कि स्वयं माननीय मुख्यमंत्री भी कांग्रेस शासन में स्थापित स्कूलों और कॉलेजों में पढ़े होंगे। कांग्रेस सरकारों ने हमेशा शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है।




पूर्व विधायक गुर्जर ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी शिक्षा मिशन लागू किया, जिसके माध्यम से न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश में शिक्षा का व्यापक नेटवर्क स्थापित किया गया। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सब पढ़े, सब बढ़े और बालिका पढ़ेगी, देश बढ़ेगा जैसे अभियानों के तहत आवासीय कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावासों का निर्माण कराया गया, जिससे हर वर्ग की बालिकाओं को शिक्षा का समान अवसर मिल सका है।




पूर्व विधायक गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान मध्यप्रदेश में लगभग 1 लाख 20 हजार सरकारी स्कूल संचालित होते थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या घटकर 94,439 रह गई है। इनमें से 5,600 स्कूलों के पास स्वयं का भवन नहीं है तथा 222 स्कूल ऐसे हैं जिनके जर्जर कमरों में बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कम छात्र संख्या के नाम पर लगभग 20 हजार स्कूल बंद किए जाने की आशंका है। पूर्व विधायक गुर्जर ने कहा कि केन्द्र में भाजपा सरकार बनने के बाद इन जनहितैषी योजनाओं को एक-एक कर बंद कर दिया गया, जिसका दुष्परिणाम आज शिक्षा व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश और देश में शिक्षा के स्तर की जो भयावह स्थिति बनी है, उसके लिए भाजपा की डबल इंजन सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। कांग्रेस ने जहां स्कूल खोले, शिक्षकों की भर्ती की और उन्हें सम्मानजनक वेतन दिया, वहीं भाजपा ने न तो नए स्कूल खोले और न ही शिक्षकों की पर्याप्त भर्ती की, उल्टे हजारों स्कूल बंद कर दिए। इससे भाजपा की कथनी और करनी का अंतर स्पष्ट होता है।
पूर्व विधायक गुर्जर ने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1993 से पहले भले ही प्रदेश में कांग्रेस सरकार रही हो, लेकिन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व जनसंघ, जनता पार्टी व इसी विचारधारा के विधायकों के पास था, जिन्होंने शिक्षा क्षेत्र पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। वर्ष 1993 में पहली बार विधायक बनने के बाद अपने चारों कार्यकालों में मैंने प्रत्येक गांव में प्राथमिक विद्यालय, हर तीन किलोमीटर पर माध्यमिक विद्यालय, चार किलोमीटर पर हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी स्कूल खुलवाए। मेरे कार्यकाल में स्वीकृत 187 प्राथमिक विद्यालय, 116 माध्यमिक विद्यालय, 12 हाई स्कूल और 16 हायर सेकेंडरी स्कूल आज भी संचालित हो रहे हैं।
पूर्व विधायक गुर्जर ने बताया कि बुरानाबाद में जवाहर नवोदय विद्यालय, खाचरौद शहर में मॉडल स्कूल, आईटीआई, उत्कृष्ट विद्यालय तथा 32 करोड़ रुपये की लागत से सीएम राइज स्कूल की स्थापना भी उनके प्रयासों से हुई। भाजपा के कुछ लोगों की मंशा सीएम राइज स्कूल को शहर से 5-6 किलोमीटर दूर बनाने की थी, लेकिन मैंने पुराने स्कूल भवन को तोड़कर उसी स्थान पर नवीन भवन का निर्माण कराया, ताकि क्षेत्र के अंतिम छोर तक के बच्चों को निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा मिल सके। भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र में एक भी नया सरकारी स्कूल खोला हो तो वह बताए। कांग्रेस सरकारों ने ही निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण व रोजगारोन्मुखी शिक्षा की व्यवस्था की तथा ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थापना कराई।

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