रिश्वतखोर सचिव और ठेकेदार लोकायुक्त के जाल में: सरपंच से वसूली 30 हजार की रिश्वत, रंगेहाथ धराए
भारत सागर न्यूज/उज्जैन/संजय शर्मा । भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
तराना तहसील के ग्राम पंचायत बोरदा मांडा के सचिव दरबार सिंह राठौड़ और उसके साथी ठेकेदार कमल बंजारा को सरपंच से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया गया।
पूरा मामला ग्राम पंचायत में कराए गए निर्माण कार्यों की स्वीकृति और भुगतान से जुड़ा है। सरपंच राजेश चतुर्वेदी ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि सचिव दरबार सिंह राठौड़ उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों की फाइल आगे बढ़ाने के बदले 45 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है, जिसमें से 15 हजार रुपये वह पहले ही डकार चुका था।
शिकायत का सत्यापन होने के बाद लोकायुक्त दल ने सटीक रणनीति बनाई। सोमवार को जैसे ही सरपंच ने बकाया 30 हजार रुपये की राशि सचिव को थमाई, उसने चालाकी दिखाते हुए यह रकम अपने पास खड़े साथी ठेकेदार कमल बंजारा को पकड़ा दी।
इसी दौरान कायथा थाने के पास सतर्क खड़ी लोकायुक्त टीम ने घेराबंदी कर दोनों को सरपंच की स्विफ्ट डिजायर गाड़ी के भीतर ही धर दबोचा। उप पुलिस अधीक्षक राजेश पाठक और निरीक्षक दीपक सेजवार के नेतृत्व में आरक्षक श्याम शर्मा, संजीव कुमारिया और इसरार सहित 10 सदस्यीय दल ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। लोकायुक्त की इस दबिश से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और पुलिस अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की जांच कर रही है।




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