शुद्ध जल प्रदाय के लिये निगम के जल प्रदाय विभाग में राज्य, प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की नियुक्ति की मांग
भीषण गर्मी शुरू
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- मामला इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल पीने से हुई 35 मौतों का
- इस संबंध में शिकायतकर्ता ने उज्जैन संभागायुक्त, देवास कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त सहित शासन स्तर पर दिए आवेदन
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- मामला इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल पीने से हुई 35 मौतों का
- इस संबंध में शिकायतकर्ता ने उज्जैन संभागायुक्त, देवास कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त सहित शासन स्तर पर दिए आवेदन
भारत सागर न्यूज/देवास। आर.टी.आई व समाजिक कार्यकर्ता मेहमूद शेख ने उज्जैन संभाग आयुक्त, देवास कलेक्टर और निगम आयुक्त सहित प्रदेश के मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव सामान्य नगरीय प्रशासन भोपाल को दिये आवेदन में बताया
कि वर्तमान में देवास में भीषण गर्मी शुरू हो गई है और देवास में अनेक वार्डो व गरीब बस्तियों में अभी भी गंदा, मटमैला और सीवरेज संबंधी दूषित जल प्रदाय हो रहा है।
निगम में सालों से जमे अधिकारी और जल प्रदाय के अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं जल पाईप लाईनें गंदे नालों से होकर गुजर रही है। पाईप लाईनों में अनेक छोटे छोटे लीकेज हो गए है, जिससे देवास में किसी दिन भी इंदौर के भागीरथ पुरा जैसा हादसा हो सकता है।
शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन सहित निगम पर आरोप लगाया है कि जल प्रदाय विभाग में निम्न स्तर के पंपकुली और दैनिक वेतन भोगी व संविदा नियुक्ति पर तैनात अयोग्य कर्मचारियों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त कर रखे है
वहीं दूसरी और निगम की आयोग्य कार्यपालन यंत्री को जल प्रदाय की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि जनता की जान जोखिम में डालकर निकम्मे, भ्रष्ट, अयोग्य व्यक्तियों को हटाकर तत्काल राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की नियुक्ति की जावे।
वहीं दूसरी और शिकायतकर्ता मेहमूद शेख ने कलेक्टर, निगम आयुक्त सहित शासन स्तर पर देवास में करोड़ों की शुद्ध जल फिल्टर हुए अमृत-1 पी.एल.सी, स्कॉडा योजना से सबंधित करोड़ों के भ्रष्टाचार में लिप्त तत्कालीन निगम आयुक्त विशालसिंह, सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री नागेश वर्मा, स्वेच्छिक सेवानिवृत्त उपयंत्री मो. तौफिक खान, प्रतिनियुक्ति पर निगम में 20 वर्षो तैनात उपयंत्री जगदीश वर्मा, तत्कालीन वित्त प्रभारी, लेखा बाबू दिलीप गर्ग, उमेश चतुर्वेदी, अधिकारियों की अमृत-1 पी.एल.सी. स्कॉडा योजना में हुए करोड़ों के भ्रष्टाचार के जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने निगम पर गंभीर आरोप लगाया है कि निगम में जमे भ्रष्ट निकम्मे, पंगु अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सांठगांठ से केन्द्र शासन और राज्य शासन द्वारा देवास की जनता को शुद्ध जल प्राप्त हो इसलिए करोड़ों की अमृत-1 पीएलसी स्काडा योजना प्रारंभ की गई थी परंतु यह योजनना कागजों में सिमट कर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। क्षिप्रा स्थित नदी में देवास के संपूर्ण 45 वार्डो में स्वच्छ जल प्रदाय के लिये जल को शुद्ध करने के लिये क्षिप्रा नदी में क्लोरिन केमिकल गैस छोड़ने में भी निगम देवास जिल प्रदाय प्रभारी और अधिकारियों द्वारा लापरवाही की जा रही है और अमृत-1 पी.एल.सी. स्काडा में जिस ठेकेदार को शुद्ध जल प्रदाय करने हेतु इसमें कार्य करने वाले संपूर्ण कर्मचारियों को प्रतिमाह वेतन भी ठेकेदार को 10 वर्षो तक कर्मचारियों को वेतन देना था परंतु निगम की कार्यपालन यंत्री ओर जल प्रदाय प्रभारी सहित निगम के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा वर्तमान में इस कार्य करने के लिए क्षिप्रा नदी में अपने कर्मचारियों को ठेकेदार से संाठगांठ कर निगम में से प्रतिमाह लाखों रूपयों का वेतन दिया जा रहा है। जबकि कर्मचारियों को वेतन भी अमृतजल-1 पीएलसी योजना अंतर्गत ठेकेदार 10 वर्षो तक इसी योजना के तहत वेतन देना था।
आर.टी.आई. एक्टिविस्ट मेहमूद शेख ने जिला कलेक्टर, निगम आयुक्त, संभागायुक्त उज्जैन सहित शासन स्तर पर आवेदन देकर बताया कि तत्काल देवास में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की निगम में नियुक्ति की जाए तथा देवास में जल प्रदाय में लगातार निगरानी रखी जाए।
आर.टी.आई. एक्टिविस्ट मेहमूद शेख ने जिला कलेक्टर, निगम आयुक्त, संभागायुक्त उज्जैन सहित शासन स्तर पर आवेदन देकर बताया कि तत्काल देवास में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की निगम में नियुक्ति की जाए तथा देवास में जल प्रदाय में लगातार निगरानी रखी जाए।






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