एक ऐसा अघोरी आश्रम… जहां चेत्र नवरात्रि की नवमी पर होती है मां कालिका की विशेष पूजा अर्चना
भारत सागर न्यूज/खाचरोद/संजय शर्मा । मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के खाचरोद तहसील की मुखिया गली में स्थित कालिका शक्तिपीठ अघोरी आश्रम इन दिनों आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
यहां हर वर्ष चेत्र नवरात्रि की रामनवमी के पावन अवसर पर मां कालिका की विशेष पूजा बड़े ही विधि-विधान के साथ की जाती है। इस आश्रम की सबसे खास बात यह है कि यह परंपरा कोई नई नहीं… बल्कि तेरहवीं पीढ़ी से लगातार चली आ रही है, जो इसे और भी विशेष बनाती है।
आश्रम के वर्तमान महंत ओंकार दास उदासीन हैं, जो महामंडलेश्वर के पद पर विराजमान भी हैं। यहां एक अनूठा संगम देखने को मिलता है। जहां नाथ संप्रदाय और उदासीन संप्रदाय की परंपराएं एक साथ जीवित हैं। महंत ओंकार दास , प्रसिद्ध अघोरी संत कनीराम की 13वीं पीढ़ी से आते हैं,या फिर यू कहे ये परंपरा तेरहवीं पीढ़ी से चली आ रही हैं जिससे इस स्थान का आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
आपको बता दें कि इसी परंपरा से जुड़ा एक और कालिका शक्तिपीठ अघोरी आश्रम खरगोन जिले के ओंकारेश्वर में भी स्थित है, जहां मां कालिका की आराधना विशेष रूप से की जाती है। चेत्र नवरात्रि की नवमी के दिन यहां का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और मां कालिका के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।




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