सातखोरी गांव में शमशान भूमि विवाद के बाद बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार
भारत सागर न्यूज/देवास। सातखोरी गांव में शनिवार को घुमंतू समाज की 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला गीता पत्नी बालूमाथ के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर विवाद पैदा हो गया। गांव की शमशान भूमि निजी होने के कारण ग्रामीणों को मृतिका को दफनाने की अनुमति नहीं मिल रही थी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले भी इसी क्षेत्र में अंतिम संस्कार किया जाता था, लेकिन इस बार भूमि न मिलने से वे असहज थे। नाराज ग्रामीण प्रशासन से मदद लेने मौके पर पहुंचे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम अभिषेक शर्मा, तहसीलदार, सीएसपी और औद्योगिक थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घुमंतू समाज के लोगों के साथ मिलकर मृतिका के दफनाने के लिए नजदीकी जमीन चिन्हित की और उपलब्ध कराई। इसके बाद बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
बताया गया कि मृतिका का पुत्र गट्टू नाथ टीवी की बीमारी से पीड़ित है। उसकी मां पिछले समय तक भीख मांगकर उसका पालन-पोषण करती थीं। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि उसके पुत्र का उपचार जिला चिकित्सालय में सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन के समय पर हस्तक्षेप और सामुदायिक सहयोग से बुजुर्ग महिला को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी जा सकी।




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