उज्जैन बनेगा 'टाइम' का ग्लोबल सेंटर: टोक्यो के प्रो. होनारा सहित जुटेंगे दुनिया भर के 900 वैज्ञानिक
भारत सागर न्यूज/उज्जैन/संजय शर्मा । समय की गणना की प्राचीन धुरी रही अवंतिका नगरी एक बार फिर ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने का वैश्विक केंद्र बनने जा रही है। 3 से 5 अप्रैल तक आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 'महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम' में जापान के प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. सासुहाइड होनारा सहित देश-विदेश के 900 से अधिक ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक और अंतरिक्ष विशेषज्ञ जुटेंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में होने वाले इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य उज्जैन के डोंगला को दुनिया के मध्यान रेखा यानी मेरिडियन के रूप में पुनः स्थापित करना है, जो प्राचीन काल में सटीक काल गणना का आधार रहा है।
इस तीन दिवसीय आयोजन में कुल 6 विशेष तकनीकी सत्र होंगे, जिनमें काल गणना से लेकर आधुनिक अंतरिक्ष तकनीक और रक्षा रणनीतियों पर गहन मंथन होगा। सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन उज्जैन तारामंडल परिसर में होगा, जहाँ 15.20 करोड़ की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक 'उज्जैन साइंस सेंटर' का लोकार्पण भी किया जाएगा।
यह केंद्र विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए फन साइंस गैलरी और आउटडोर साइंस पार्क जैसी सुविधाओं से लैस है। यह आयोजन न केवल उज्जैन को वैश्विक 'टाइम स्केल सेंटर' बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि इसे आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की मजबूती से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
युवाओं को विज्ञान से जोड़ने के लिए डोंगला वेधशाला में ग्रहों के अवलोकन के साथ-साथ सैटेलाइट मेकिंग और ड्रोन तकनीक पर विशेष वर्कशॉप भी आयोजित की जाएंगी। प्रदर्शनी में इसरो, डीआरडीओ और सीएसआईआर अपनी तकनीकी उपलब्धियों और भविष्य के मिशनों का प्रदर्शन करेंगे। महान खगोलविद आचार्य वराहमिहिर की विरासत को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ते हुए यह सम्मेलन डॉ. विक्रम साराभाई के विजन को नई ऊंचाई देगा। 5 अप्रैल को समापन सत्र के साथ ही उन महत्वपूर्ण अनुशंसाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा, जो भविष्य में उज्जैन को विश्व के समय मापन का आधिकारिक केंद्र बनाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।





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