देवास में पानी को लेकर सियासत तेज, मांगलिया पंचायत को जल देने के प्रस्ताव का विरोध
भारत सागर न्यूज/देवास। नगर निगम देवास की मेयर-इन-काउंसिल द्वारा क्षिप्रा बैराज से ग्राम पंचायत मांगलिया (जिला इंदौर) को प्रतिदिन 2.20 एमएलडी पानी देने के प्रस्ताव पर अब शहर की राजनीति गरमा गई है। नगर निगम में नेता सत्ता पक्ष एवं वार्ड क्रमांक 25 के पार्षद मनीष सेन ने इस निर्णय का विरोध करते हुए महापौर को पत्र सौंपा है।
मनीष सेन ने अपने पत्र में कहा कि क्षिप्रा बैराज का निर्माण मूल रूप से देवास शहर के नागरिकों को पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भी देवास शहर में ग्रीष्म ऋतु के दौरान जलसंकट की स्थिति बनी हुई है और कई वार्डों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाना पड़ रहा है। ऐसे समय में बाहरी क्षेत्र को पानी उपलब्ध कराने का निर्णय शहरहित के खिलाफ है।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम अधिनियम के अनुसार निगम की संपत्तियों और संसाधनों का उपयोग मुख्य रूप से नगर क्षेत्र के हित में होना चाहिए। यदि मांगलिया पंचायत को नियमित जलप्रदाय किया गया तो आने वाले समय में देवास को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
पार्षद मनीष सेन ने महापौर से मांग की है कि इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए अथवा इसे निगम परिषद की बैठक में रखा जाए, ताकि सभी जनप्रतिनिधि इस विषय पर चर्चा कर सकें। उन्होंने प्रस्ताव क्रमांक 105/26 की निंदा करते हुए इसे शहरहित के विपरीत बताया है।




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