राजस्व वसुली को लेकर महापौर ने समीक्षा बैठक आहूत की बैठक में 30 जुलाई को दिये गये निर्देशों की समीक्षा की




भारत सागर न्यूज/देवास। महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल के द्वारा विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आहूत कर गत दिवस दिनांक 30 जुलाई को आहूत बैठक मे दिये गये निर्देशों की समीक्षा विधायक एवं महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल,आयुक्त रजनीश कसेरा की उपस्थिती मे की। समीक्षा बैठक मे निगम के सभी विभागीय अधिकारियों से विभागवार जानकारी प्राप्त की जिसमे पूर्व मे दिये गये निर्देश अनुसार कार्यो मे राजस्व विभाग के द्वारा संपत्तिकर, जलकर, दुकान किराया, लायसेंस, कचरा संग्रहण शुल्क की वसुली की समीक्षा की जिसमे लक्ष्यानुरूप करो की वसुली नही होने पर अप्रसन्नता व्यक्त की साथ ही पुन: 15 दिवस मे दिये गये निर्देशानुसार मे करों की वसुली के साथ जिन बकायादारों द्वारा अपने करों का भुगतान नही किया गया, उनके विरूद्ध कुर्की की कार्यवाही तथा दुकान पर तालाबंदी तथा जिन छोटी व बडी दुकानदारों के पास निगम का लायसेंस नही है।





 बिना निगम के लायसेंस के व्यवसाय करने पर चालानी कार्यवाही प्रस्तावित करने के निर्देश दिये वहीं औद्योगिक ईकाईयो की वसुली को लेकर जिन ईकाईयो द्वारा निगम करों का भुगतान नही किया जा रहा है उन ईकाईयों पर कुर्की की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार जलकर के बकायादारों के नल कनेक्शन विच्छेद जैसी कार्यवाही हो, के भी निर्देश आयुक्त को दिये। आयुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार महापौर ने कहा कि शहर मे पानी पर्याप्त मात्रा मे वितरण कर रहे हैं किन्तु वितरण के दौरान शिकायत प्राप्त होती है कि कुछ नागरिकों द्वारा पानी का अपव्यय सडक धोने, गाडीयां धोने के साथ पानी व्यर्थ बहाया जाता है। 




      आयुक्त ने पानी का अपव्यय करने वाले नागरिकों को चिन्हीत कर समझाईश देने के बाद भी अगर पानी का अपव्यय किया जाता है तो उन चिन्हीत नागरिकों के विरूद्ध चालानी कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये। महापौर ने निगम स्वास्थ्य विभाग को कचरा संग्रहण व सफाई व्यवस्था पर पूरा फोकस दिये जाने हेतु कहा साथ ही आयुक्त ने कचरा संग्रहण शुल्क की लक्ष्यानुरूप वसुली नही होने पर ग्रामीण वार्डो मे रूपये 5 सौ प्रतिदिन तथा शहरी क्षेत्र के वार्डो मे रूपये 2 हजार प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित किया। महापौर ने कहा कि ऐसे ठेकेदार जो निगम के एक विभाग मे ठेका लेने के साथ ही निगम के अन्य विभागों मे भी ठेका लेते है ओर समय पर निर्माण संबंधित कार्य तथा मेंटनेंस की सामग्री समय पर नही प्रदाय करते है तथा निगम अधिकारियों को भुगतान के लिए बाध्य करते हैं जबकि ठेकेदरों का समय समय पर भुगतान किया जाता है तथा निगम की निविदा शर्तो मे निगम की वित्तीय स्थिती अनुसार समय समय पर भुगतान किये जाने हेतु टेण्डर मे शर्ते रखी गई है, शर्तो के अनुरूप ही ठेकेदार द्वारा निविदा डाली जाती है। 




ऐसे ठेकेदरों को सूचना पत्र प्रस्तुत कर ब्लेक लिस्टेड करने की कार्यवाही किये जाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। बैठक मे निगम उपायुक्त देवबाला पिपलोनिया, सहायक यंत्री इंदुप्रभा भारती, राजस्व अधिकारी प्रदीप शास्त्री, प्रवीण पाठक, स्वास्थ्य अधिकारी जितेन्द्र सिसोदिया के साथ सभी विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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