निजी अस्पताल द्वारा गलत उपचार किए जाने की शिकायत कलेक्टर, सीएमएचओ व अन्य अधिकारियों से की

- अस्पताल के डॉक्टर बिना डिग्री धारियों से करा रहे मरीजों का इलाज, मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड



भारत सागर न्यूज/देवास। शहर के एबी रोड स्थित संस्कार अस्पताल के डॉक्टर द्वारा बच्चे का गलत उपचार किए जाने का आरोप लगाते हुए मरीज के पिता व परिजनों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट, सीएमएचओ कार्यालय सहित संबंधित जवाबदार अधिकारियों को डॉक्टर एवं अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाही को लेकर आवेदन दिया। विनायक नगर निवासी शाहिद खान ने बताया कि मेरे पुत्र नावेद खान 5 वर्ष को मामूली बुखार आने पर परिवार के लोग 24/08/2024 को संस्कार अस्पताल उपचार हेतु लाए थे। जहां पर डॉ. शुक्ला ने मेरे पुत्र को अस्पताल में भर्ती करने का कहा। पूर्व में भी पुत्र नावेद का उपचार डॉ. शुक्ला द्वारा किया गया था। पुत्र के पिता ने आरोप लगाते हुए बताया कि अस्पताल के लोगों ने मेरे पुत्र को लगातार गर्म हाई पावर के इंजेक्शन लगाए। रात्रि 8 बजे तक मेरा पुत्र अच्छी हालत में था तथा परिवार के सदस्यों से बात कर रहा था।



 जन्म से लेकर आज दिनांक तक मेरे पुत्र को किसी भी तरह की कोई बीमारी नहीं है। जिसका मेडिकल परीक्षण भी किया जा सकता है। शाम 08.30 बजे मेरे पुत्र की हालत अत्यधिक सिरियस हो गयी तथा मेरे पुत्र के मुंह से झाग आ गये और उसने आँखे बन्द कर दी। तब भी हॉस्पीटल के लोग बोटल व इंजेक्शन लगातार लगा रहे थे। डॉ. शुक्ला ने कहा कि सब नॉर्मल है, ठीक हो जायेगा व हमें असमंजस्य में रखा गया। ऐसी परिस्थिति में बच्चे के नाना भुरू भाई जो कि डॉ. शुक्ला के परिचित हैं जो कि डॉक्टर को बुलाने घर गये तथा बच्चे की हालत खराब होने की जानकारी फोन पर दी गयी। तब डॉ. शुक्ला ने कहा कि अस्पताल में राकेश को बोल दिया है। आप उससे बात कर लो वह सब ठीक कर देगा। अस्पताल में कार्यरत राकेश जो कि किसी भी तरह से डॉक्टर नहीं है।


 डॉ. शुक्ला ने अपना कर्तव्य न निभाते हुए गैर मानवता के चलते लापरवाही पूर्वक हॉस्पीटल स्टॉफ के पास मेरे पुत्र को जिंदगी और मौत से लडऩे के लिए छोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि पुत्र की हालत बिगडता देख उसे इंदौर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा है। उक्त संबंध में मेरे द्वारा द्वारा संबंधित थाना कोतवाली देवास में भी लिखित में आवेदन पत्र प्रस्तुत कर शिकायत की गयी थीं, लेकिन आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। मरीज के पिता शाहिद व परिजनों ने संबंधित जवाबदारों को आवेदन देकर मांग की है कि ऐसे गैर जिम्मेदार डॉक्टर एवं हॉस्पीटल प्रशासन के विरूद्ध उचित जॉच की जाकर सख्त से सख्त कार्यवाही करने की जाए।

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