भ्रष्टाचार एवं अनियमित्ता के चलते त्रिलोक नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था अध्यक्ष को पद से हटाया




भारत सागर न्यूज/देवास। त्रिलोक नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था के अध्यक्ष को भ्रष्टाचार व अनियमित्ता की शिकायतो के आधार पर पदमुक्त किया गया। त्रिलोक नगर रहवासी संघ के संयोजक अनिल सिंह ठाकुर ने बताया कि संस्था का निर्वाचन 28 अक्टूबर 2023 को सम्पन्न हुआ था, जिसमें अध्यक्ष के रूप में मुकेश रावत निर्वाचित घोषित हुए थे। विगत 3 माह से संस्था अध्यक्ष
के विरूद्ध भ्रष्टाचार सहित अन्य गंभीर आरोप की शिकायते मिल रही थी। 



शिकायत के आधार पर सहकारिता अधिनियम की धारा 53 बी/ख (1) अंतर्गत कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया। क्षेत्रीय विधायक गायत्रीराजे पवार एवं क्षेत्रीय पार्षद राजेन्द्र ठाकुर के मार्गदर्शन अनुसार उनके संज्ञान में संस्था के 124 भवनों के रहवासियों मकानो की रजिस्ट्री नही होने व उनके साथ हुए राशि का गबन एवं अत्याचार को दृष्टिगत रखते हुए सहकारी संस्थाएं जिला देवास के उप रजिस्ट्रार परमानंद गोडरिया ने शिकायतो के आधार पर मुकेश रावत को अध्यक्ष पद से हटा दिया। 



उल्लेखनीय है कि संस्था के पूर्व अध्यक्ष टीपी तिवारी, पुत्रवधु रूचिता तिवारी एवं संचालक मण्डल के समय से संस्था में किए गए करोडो रूपए के भ्रष्टाचार को छिपाने के उद्देश्य से अध्यक्ष रावत को मोहरा बनाकर उपयोग में लिया जा रहा था। संस्था के 6 संचालक गण नरेन्द्र दांडगे, संतोष जोशी, गणेश पंवार, उत्तमराव चडोडकर, श्रीमती सुनंदा भोले, उर्मिला व्यास ने संस्था अध्यक्ष मुकेश रावत के खिलाफ की गई शिकायत के आरोप में अध्यक्ष कोई ठोस प्रमाण व उपयोगी अभिलेख प्रस्तुत नही कर सका। जिससे स्पष्ट होता है कि संस्था को संचालित कराने संबंधित कार्यप्रणाली से संचालकगण पूर्ण रूप से संतुष्ट नही थे। 



क्योंकि अध्यक्ष द्वारा संचालकगणो को चाही गई जानकारी समय पर नही दी जा रही थी। फलस्वरूप इनके प्रत्येक कार्य को संदेह की दृष्टि से देखते हुए विरोध होता रहा। इस कार्यालय के मतानुसार सफल संचालन के अभाव में वर्तमान अध्यक्ष का अपने पद पर निरंतर बना रहना संस्था तथा सदस्यों के हित में नही है। इन्हें अपने पद से हटाना ही उचित रहेगा। उक्त कार्यवाही से स्पष्ट होता है कि संस्था अध्यक्ष मुकेश रावत ने पूर्व अध्यक्ष टीपी तिवारी के साथ सांठगांठ कर करोडो रूपए का भ्रष्टाचार में सहभागी बने थे। श्री रावत पर आरोप है कि इन्होंने उपविधियों में वर्णित वैधानिक प्रावधानों का पालन ना करते हुए संचालक मंडल के निर्णय के अभाव में भू-खण्ड आवंटित कर दिया। 



संस्था द्वारा बजावरी प्रकरण के भवनों पर न्यायालयीन आदेश की अवहेलना कर नियम विरूद्ध रूप से राशि एकत्रित की। संचालक मंडल की सहमति लिये बिना अभिभाषक शुल्क एवं अन्य मदों में नियम विरूद्ध राशि का व्यय किया। हूडको भोपाल एवं नई दिल्ली कार्यालय में वन टाईम सेटलमेंट का प्रस्तव बिना संचालक मंडल की सहमति से भेज दिया। आदर्श उपविधियों के विरुद्ध संचालकगणों से द्वेषतापूर्ण कार्यवाही करना, जानकारी मांगने पर जानकारी नहीं देना तथा अपमानजनक शब्दों का उपयोग करना, अमानत में खयानत कर राशि रु. 25 हजार रूपए का दुरूपयोग करना, संस्था की सम्पूर्ण अचल सम्पत्ति व महत्वपूर्ण अभिलेखों का संधारण संस्था कार्यालय में नहीं करना। 



पूर्व अध्यक्ष के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के अनुसार कोई भी वैधानिक कार्यवाही नहीं करना। संस्था से संबंधित भवनों का पुन: विक्रय कर हस्तांतरण शुल्क की राशि संस्था में जमा नहीं करना। श्रीमती अर्चना ओगले को संस्था में हस्तांतरण शुल्क एवं अन्य शुल्क वसूल कर संस्था के खाते में जमा नहीं करना। संस्था सदस्य अनिल ठाकुर के विरूद्ध झूठा केस दायर करवाना। वार्षिक आमसभा में लिये गए निर्णयों का पालन नहीं करना। उपाध्यक्ष व अन्य संचालकगणों के पत्रों का जवाब नहीं देना। दिनांक 10.02.2025 को हुडको नई दिल्ली जाने वाले गैर सदस्यों के आरक्षण इत्यादि में संस्था की राशि अनावश्यक रूप से व्यय करना आदि शिकायते मिली थी। आगामी समय में अध्यक्ष पद का निर्वाचन होने तक संस्था के कार्य का संचालन हेतु जोवाकिम कुजूर वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक को अधिकृत किया गया है।  

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