फरियाद का बदला सज़ा से! थाने में घंटों बैठा विकलांग किसान, जमीन पर कब्ज़ा जारी।






भारत सागर न्यूज/उन्हेल (बोरखेड़ा नाज़िक)। मुख्यमंत्री के गृह जिले में गरीब किसान को न्याय मांगना ही भारी पड़ गया। निजी जमीन पर जबरन कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचे किसान को न केवल घंटों थाने में बैठाकर रखा गया, बल्कि आरोप है कि उसकी जमीन पर जबरन मोहर्रम बिछवा दिया गया। मामला उन्हेल तहसील के बोरखेड़ा नाज़िक गांव का है, जहां रहने वाला श्रवण कुमार नामक किसान लंबे समय से अपनी कृषि भूमि पर हुए अतिक्रमण को लेकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है।




किसान श्रवण कुमार आर्थिक रूप से कमजोर है और विकलांगता के बावजूद मेहनत कर खेती-बाड़ी के सहारे अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उन्होंने बताया कि वह अपनी निजी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा है, लेकिन जब उसने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई, तो उल्टा उसे ही दोषी ठहराकर थाने में घंटों बैठाकर प्रताड़ित किया गया।





किसान ने आरोप लगाया कि तहसीलदार राम विलास ने सरकारी जमीन की अनदेखी करते हुए मौके पर स्वयं उपस्थित होकर उसकी निजी जमीन पर मोहर्रम का आयोजन करवाया, जबकि उक्त भूमि पर उनके पास पूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं। जब किसान ने इसका विरोध किया तो पुलिस को बुलाकर उसे थाने भिजवा दिया गया।





श्रवण कुमार ने कहा कि वह आज नागदा एसडीएम से मिलने पहुंचा था, लेकिन वर्षों से जारी शिकायतों के बावजूद प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम के प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों की मिलीभगत से उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। किसान ने यह भी कहा कि यह दुखद है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही गरीब किसानों के साथ ऐसा अन्यायपूर्ण व्यवहार हो रहा है। अब पीड़ित किसान न्याय के लिए गुहार लगा रहा है कि उसकी निजी जमीन को वापस दिलाया जाए और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई हो। मामले ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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