निरंकारी संत समागम में उमड़ी श्रद्धा, सतगुरु माता सुदीक्षा जी ने दिया प्रेम और सेवा का संदेश
भारत सागर न्यूज/देवास। बिहार-झारखंड का प्रादेशिक निरंकारी संत समागम श्रद्धा, प्रेम और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। यह समागम संत निरंकारी मिशन की सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित के पावन सान्निध्य में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर सत्संग का लाभ लिया तथा अनेक जिज्ञासुओं ने ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति की।
समागम को संबोधित करते हुए सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज ने कहा कि परमात्मा की पहचान कर उसके दिव्य गुणों को जीवन में धारण करना ही जीवन का वास्तविक उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सूर्य की किरणें बिना भेदभाव के सभी को प्रकाश देती हैं, उसी प्रकार परमात्मा का ज्ञान प्राप्त करने वाला से सबमें प्रभु को देखते हुए प्रेम और सेवा का भाव फैलाता है।
इस अवसर पर निरंकारी राजपिता रमित जी ने कहा कि मनुष्य शरीर में रहता है, लेकिन वह केवल शरीर नहीं है। जब ब्रह्मज्ञान के माध्यम से परम तत्व की पहचान होती है, तब व्यक्ति की दृष्टि बदल जाती है और वह सभी को एकत्व की भावना से देखने लगता है।
करीब 45 एकड़ के विशाल मैदान में आयोजित इस समागम में श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएँ की गई थीं। परिसर में बड़े शामियाने, लंगर सेवा, प्याऊ, चिकित्सा शिविर, स्वच्छ शौचालय और निरंकारी प्रदर्शनी की व्यवस्था की गई, जो आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम के अंत में जोनल इंचार्ज राकेश कुमार सिंह ने स्थानीय प्रशासन एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इतने विशाल स्तर पर इस प्रकार का दिव्य आयोजन सतगुरु की कृपा से ही संभव हो पाता है।





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