गैस सिलेंडर के दाम बढ़े, बाजार में कमी से हाहाकार, कांग्रेस का प्रदर्शन
- गेहूं खरीदी 15 मार्च से शुरू करने व ऋण-बिजली बिल वसूली 30 अप्रैल तक बढ़ाने की मांग
भारत सागर न्यूज/नागदा । क्षेत्र में गैस सिलेंडर की गंभीर कमी, बुकिंग व वितरण व्यवस्था में अव्यवस्था तथा बढ़ती कालाबाजारी के विरोध में एवं प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 15 मार्च से प्रारंभ करने तथा गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग को लेकर पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर के नेतृत्व में शहर, ब्लॉक, युवक कांग्रेस एवं महिला कांग्रेस कमेटी नागदा-खाचरौद द्वारा तहसीलदार मधु नायक को ज्ञापन सौंपा गया।
पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने इस अवसर पर कहा कि केन्द्र सरकार की आर्थिक व विदेशी नीति का खामियाजा देश की आम जनता को भुगतना पड रहा है केन्द्र सरकार आपदा में भी अवसर ढुंढ लेती है युद्ध की आड में गैस सिलेन्डर में तत्काल 60 रूपये भाव बढा दिए है एक तरफ कह रही है कि गैस, डीजल, पेट्रोल की कोई कमी नही है वही दुसरी ओर गैस सिलेंडरों की भारी कमी के कारण नागदा-खाचरौद क्षेत्र के आम उपभोक्ता, व्यापारी वर्ग, होटल-रेस्टोरेंट संचालक एवं छोटे व्यवसायी अत्यधिक परेशान हैं।
गैस सिलेंडर की उपलब्धता नहीं होने, बुकिंग प्रणाली के ठप होने तथा वितरण व्यवस्था में अव्यवस्था के कारण लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। उपभोक्ताओं द्वारा गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए दिए गए नंबर पर कॉल करने पर कॉल नहीं लग रहा है तथा सर्वर डाउन बताया जा रहा है, जिससे लोग गैस सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं।
ऑनलाइन बुकिंग करने पर कई उपभोक्ताओं के खातों से भुगतान कटने के बावजूद उन्हें डीएसी कोड प्राप्त नहीं हो रहा है, गैस सिलेंडरों की कमी के कारण घरेलू गैस सिलेंडर 1500 से 2000 रुपये तक ब्लैक में बेचे जा रहे हैं। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बंद होने से होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने अपनी रोजीरोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
वर्तमान में शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रमों का सीजन चल रहा है ऐसे आयोजनकर्ताओं को सरकार की तरफ से विशेष रियायत देकर गैस सिलेन्डर उपलब्ध कराये जाने चाहिए। पूर्व विधायक गुर्जर ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश के किसानों की रबी की प्रमुख फसल गेहूं पककर तैयार हो चुकी है और कई क्षेत्रों में कटाई भी प्रारंभ हो गई है।
ज्ञापन में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 01 अप्रैल से प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है, जो किसानों की परिस्थितियों को देखते हुए अनुचित है। किसानों द्वारा लिए गए बैंक ऋण और विद्युत बिल जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित है। यदि गेहूं खरीदी 01 अप्रैल से शुरू होगी तो किसानों को समय पर अपनी उपज बेचकर ऋण नही चुकायेगा तो वो डिफाल्टर घोषित हो जाएगा उन किसानों को पुरी राशि पर चक्रवती ब्याज देना होगा मजबुरन किसानों को अपनी उपज एमएसपी से कम में मण्डियों में 1800 से 2000 रूपये तक में गेहूॅं बेचने को मजबुर होना पड रहा है जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं की सरकारी खरीदी 15 मार्च से प्रारंभ की जाए तथा किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य कम से कम 2700 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया जाए। साथ ही खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त बारदाना, तौल व्यवस्था, श्रमिक और परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने तथा किसानों को उनकी उपज का भुगतान समय पर सीधे बैंक खातों में करने व बैंक ऋण व बिजली बील वसूली की तारिख 30 अप्रैल तक बढाने की भी मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही गैस सिलेंडरों की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तथा किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता को मजबुरन जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पडेगा।
इस अवसर पर पीसीसी सदस्य राधे जायसवाल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष लोकेश चौहान, खाचरौद ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जीवन ढोला पाटीदार, नागदा ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष राधेश्याम चन्द्रवंशी, युकां विधानसभा अध्यक्ष विरमसिंह गुर्जर, युकां ब्लॉक अध्यक्ष रवि शर्मा, पुष्कर पाटीदार, जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि देवीसिंह चन्द्रवंशी, महिला नेत्री मेघा धवन, जिला पंचायत सदस्य राधा मालवीय, पार्षद प्रमोदसिंह चौहान, आसिफ हुसैन, विशाल गुर्जर, संदीप चौधरी, सुरेन्द्र साहनी, सरपंच टीकमसिंह पंवार, कवि देवीसिंह गुर्जर, अजय शर्मा, अययुब मेव, निर्भयराम चन्द्रवंशी, राधेश्याम भीलसुडा, ओमप्रकाश प्रजापत, रहीम शाह, कालुराम जोशिया, नारायण कुशवाह, मोहम्मद रंगरेज, देवेन्द्र नागर, बंशीदास बैरागी, महेन्द्र आंजना, संजय, कमल गुर्जर, समरथ गुर्जर, भरत चौधरी, राहुल सेन, विनोद प्रजापत, श्रवण प्रजापत, मोहन गुर्जर, दशरथ गुर्जर, अशोक धनावत, पिन्टु राजोरिया, सुभाष बैरागी, नारायण तुषावडा, सुरेश उपाध्याय, मुकेश खटाना, रणजीत गुर्जर, रोहित गुर्जर, प्रशांत सेन, जगदीश जोशिया, अक्षय गुर्जर, जितेन्द्र सुनेरी, दिलीप अलसी, साबिर पटेल, रवि गुर्जर, दिलीप डाबरी, ज्ञानेश्वर वत्स, बिहारीलाल चौहान, भीमराज मालवीय, ज्योति मिमरोट, डाला चौहान, पुजा मोहने, सीता मरमट, सपना बडगोत्या, निकिता मरमट, राजवन्ती ललावत, मनीषा बडगोत्या, रेखा ललावत, दुर्गा निर्मल, अनिता श्रीवास्तव, रजनी भार्गव, गीता सिन्दल, किरण उच्चेनिया, अवन्ति बाई, मीना गंगवाल, श्यामा राव, मंजु साहनी, जमना बाई, वर्दीबाई, डाली बाई, बसन्ताबाई, शकुन्तला सोलंकी, नेहा सोलंकी, पुजा सिलावट आदि कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।






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