नागचन्द्रेश्वर मंदिर से बल लेकर पंचक्रोशी यात्रा शुरू, महापौर मुकेश टटवाल और 51 वर्षों से अनवरत चल रहे अशोक मंडलोई पंचक्रोशी यात्रा पर पैदल रवाना




भारत सागर न्यूज/उज्जैन/संजय शर्मा । वैशाख मास की तपती धूप के बीच धर्म नगरी उज्जैन में रविवार से आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। 12 अप्रैल की सुबह पटनी बाजार स्थित नागचन्द्रेश्वर मंदिर से बल लेकर पारंपरिक पंचक्रोशी यात्रा का विधिवत श्रीगणेश हुआ, 




जिसमें 51 वर्षों से लगातार यह कठिन यात्रा कर रहे वरिष्ठ श्रद्धालु अशोक मंडलोई के साथ महापौर मुकेश टटवाल भी हाथ में जल का कलश थामे पैदल रवाना हुए। भक्ति और संयम के इस महापर्व में हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं, जो आगामी 16 अप्रैल अमावस्या तक 118 किलोमीटर की पैदल परिक्रमा कर आत्मशुद्धि और महादेव की भक्ति का संकल्प दोहराएंगे।




​महापौर मुकेश टटवाल ने प्रातः 5:30 बजे नागचन्द्रेश्वर मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और पवित्र नदियों के जल से भरा कलश लेकर आम श्रद्धालुओं के साथ यात्रा पथ पर कदम बढ़ाए। पंचक्रोशी यात्रा के दौरान महापौर ने सेवा भाव का परिचय देते हुए यात्रियों को गर्मी में प्यास बुझाने के लिए पानी की बोतलें और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कपड़े की थैलियां भी वितरित कीं। उनके साथ 51वें वर्ष में प्रवेश कर रहे अशोक मंडलोई का उत्साह देखते ही बनता था। मंडलोई की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पिछले वर्ष मुख्यमंत्री के बड़े भाई नारायण यादव (दादा दयालु) ने उनका अभिनंदन किया था, और इस वर्ष भी वे अपने पुराने साथियों के साथ 'हर-हर महादेव' के जयकारों के बीच यात्रा पर निकल पड़े।




​इस पुनीत यात्रा के शुभारंभ के दौरान एमआईसी सदस्य प्रकाश शर्मा, रजत मेहता, शिवेंद्र तिवारी, कैलाश प्रजापत, जितेंद्र कुवाल सहित जोन अध्यक्ष पुरूषोत्तम मालवीय, पार्षद पंकज चौधरी और कुंडवाला पंडा अजय जोशी भी मौजूद रहे।




महापौर मुकेश टटवाल ने संदेश दिया कि यह यात्रा हमें बाहरी साधनों के बजाय आस्था और सेवा के सच्चे सुख से जोड़ती है। प्रशासन और नगर निगम ने भीषण गर्मी को देखते हुए पूरे यात्रा मार्ग पर पेयजल, विश्राम और प्राथमिक चिकित्सा के कड़े इंतजाम किए हैं। 118 किलोमीटर की इस कठिन पैदल परिक्रमा में श्रद्धालु अलग-अलग पड़ावों पर रुकते हुए अमावस्या के दिन अपनी यात्रा पूर्ण करेंगे।

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