देवास न्यायालय का बड़ा फैसला आत्महत्या प्रकरण में सभी आरोपियों को मिली राहत
भारत सागर न्यूज/देवास। जिला न्यायालय ने आत्महत्या के एक चर्चित मामले में सभी आरोपियों को बरी करते हुए महत्वपूर्ण फैसला सुनाया।
सत्र न्यायाधीश अजय प्रकाश मिश्रा की अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में विफल रहा और प्रस्तुत साक्ष्य आत्महत्या के लिए उकसाने (धारा 108 सहपठित धारा 3(5), भारतीय न्याय संहिता, 2023) के अपराध को स्थापित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
मामला थाना बरोठा में दर्ज अपराध क्रमांक 25/2026 से संबंधित था, जिसमें मृतक कैलाश नायक द्वारा 24 दिसंबर 2025 को कथित रूप से सल्फास खाकर आत्महत्या करने का उल्लेख था तथा एक सुसाइड नोट भी मिला था, लेकिन न्यायालय ने पाया कि उसमें किसी भी आरोपी द्वारा प्रत्यक्ष प्रताड़ना या उकसावे का स्पष्ट वर्णन नहीं है।
गवाहों के पुलिस कथन भी आरोपों की पुष्टि नहीं कर सके और केवल पैसों के लेन-देन या व्यक्तिगत विवाद को आत्महत्या के लिए उकसाने का आधार नहीं माना जा सकता। मामले में अधिवक्ता अर्पण उपाध्याय ने आरोपियों संदीप जैन, सुमन बाई और कोमल यादव की ओर से प्रभावी पैरवी करते हुए यह स्थापित किया कि आरोप मात्र अनुमान पर आधारित हैं, जिसे न्यायालय ने स्वीकार करते हुए सभी आरोपियों को आरोप तय होने से पहले ही अदालत द्वारा आरोपी को निर्दोष मानकर मामले से मुक्त कर दिया गया।
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