▫️सिंहस्थ 2028 की सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु पुलिस, जीआरपी एवं आरपीएफ अधिकारियों का विशेष टीओटी (Training of Trainers) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
प्रेस नोट
भारत सागर न्यूज/उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की व्यापक एवं सुव्यवस्थित तैयारियों के अंतर्गत आज “टीओटी (Training of Trainers)” प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस, जीआरपी एवं आरपीएफ अधिकारियों/कर्मचारियों को आधुनिक प्रशिक्षण तकनीकों, समन्वय प्रणाली, भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में प्रशिक्षित करना रहा, ताकि आगामी सिंहस्थ महापर्व के दौरान उत्कृष्ट कानून व्यवस्था एवं जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम में डीआईजी उज्जैन रेंज नवनीत भसीन द्वारा “उज्जैन जिले में भीड़ का मूवमेंट एवं संवेदनशील स्थानों पर प्रबंधन” विषय पर महत्वपूर्ण सत्र लिया गया। उन्होंने सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण, रूट मैनेजमेंट, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं सुरक्षा व्यवस्था के प्रभावी संचालन पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उनके अनुभवों से प्रतिभागियों को बड़े आयोजनों में पुलिस की भूमिका एवं रणनीतिक प्रबंधन की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
डीएसपी रेल इंदौर श्रीमती ज्योति शर्मा द्वारा “जीआरपी एवं पुलिस समन्वय” विषय पर सत्र आयोजित किया गया। उन्होंने रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों एवं यात्री सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस एवं जीआरपी के मध्य प्रभावी समन्वय, त्वरित सूचना साझा करने तथा संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। सिंहस्थ 2028 के दौरान संभावित अत्यधिक यात्री दबाव को देखते हुए यह विषय विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा।
असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर आरपीएफ राजीव उपाध्याय एवं इंस्पेक्टर आरपीएफ नरेंद्र यादव द्वारा “पुलिस-आरपीएफ समन्वय” विषय पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने रेलवे परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, संयुक्त गश्त, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में प्रशिक्षक SP PTS उज्जैन श्रीमती मनीषा पाठक सोनी द्वारा “प्रशिक्षण प्रविधियां – अच्छे प्रशिक्षक कैसे बनें” विषय पर प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक सत्र लिया गया। उन्होंने प्रभावी प्रशिक्षण पद्धतियों, प्रस्तुतीकरण कौशल, संवाद क्षमता, नेतृत्व विकास तथा प्रतिभागियों को प्रेरित करने की तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। यह सत्र विशेष रूप से टीओटी कार्यक्रम के उद्देश्य को सशक्त बनाने वाला रहा, जिससे प्रशिक्षित अधिकारी आगे अन्य कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर सकेंगे।
संपूर्ण टीओटी कार्यक्रम सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस, जीआरपी एवं आरपीएफ अधिकारियों के मध्य बेहतर समन्वय, व्यावसायिक दक्षता एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए मार्गदर्शक बताया।






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