महाकाल लोक में गूंजी मांग: सिंहस्थ से पहले स्थापित हो गुरु गोरखनाथ की 108 फीट ऊंची प्रतिमा





भारत सागर न्यूज/उज्जैन/संजय शर्मा।  बाबा महाकाल की नगरी में अब शिव अवतारी गुरु गोरखनाथ की भव्य प्रतिमा को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। अखिल भारतवर्षीय नाथ समाज ने महाकाल लोक की शोभा बढ़ाने के लिए परिसर में गुरु गोरखनाथ की 108 फीट ऊंची प्रतिमा लगाने का बिगुल फूंक दिया है। समाजसेवी लेखराज जोगी के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान को अब व्यापक समर्थन मिलने लगा है। समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर उन्हें इस मांग का ज्ञापन सौंपा है। समाज का तर्क है कि उज्जैन राजा भर्तृहरि और योग साधना की पावन भूमि रही है, ऐसे में यहां नाथ परंपरा के आराध्य की विशाल प्रतिमा स्थापना गौरव का विषय होगी।




ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के गादीपति महंत महावीरनाथ ने इस मांग को नई दिशा देते हुए कहा कि महाकाल लोक केवल दर्शन का केंद्र नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति का जीवंत दस्तावेज बनना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि गुरु गोरखनाथ शिव के अवतारी हैं और उनका इतिहास इस पावन भूमि से अभिन्न रूप से जुड़ा है, इसलिए केवल प्रतिमा ही नहीं बल्कि उनका प्रेरणादायी इतिहास भी वहां अंकित होना चाहिए ताकि नई पीढ़ी नाथ संप्रदाय की महानता से परिचित हो सके। मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई इस मांग को सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य उमेश नाथ महाराज, महंत बालकनाथ योगी और कैलाश विजयवर्गीय समेत दो दर्जन से अधिक दिग्गज नेताओं का समर्थन प्राप्त है, जिससे यह मुद्दा अब प्रशासनिक गलियारों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।



सिंहस्थ 2028 की तैयारी में जुटे उज्जैन के लिए यह मांग अब एक बड़ी सांस्कृतिक परियोजना के रूप में देखी जा रही है। समाज को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री की सकारात्मकता के बाद जल्द ही इस पर मुहर लग सकती है। यदि यह प्रतिमा स्थापित होती है, तो महाकाल लोक की दिव्यता में चार चांद लग जाएंगे और दुनियाभर से आने वाले श्रद्धालुओं को नाथ संप्रदाय के इस महान गुरु के दर्शन और उनके योगदान को समझने का नया अवसर मिलेगा।


 फिलहाल, नाथ समाज के पदाधिकारी इस मांग को लेकर काफी उत्साहित हैं और मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद अब सिंहस्थ से पहले इसे मूर्तरूप देने की पुरजोर कोशिश में जुटे हैं।

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