राजयोग अनुभूति केंद्र, मोती बंगला में पाजिटिव थिंकिंग की क्लास
-परमात्मा ज्ञान के सागर है, ज्ञान से ही उँचा पद प्राप्त होता है:- बी.के भगवती
भारत सागर न्यूज/देवास। राजयोग अनुभूति केंद्र, मोती बंगला में पाजिटिव थिंकिंग की क्लास चल रही है। बी.के भगवती कहा कि परमात्मा और प्रकृति के रहस्यों को जानने का प्रयास सदियों से मनुष्य कर रहे है। साइंस भी खगोलीय रचना को समझने ज्ञान एवं धन की शक्ति लगा रहा है। अनेक खगोलीय रहस्यों को साइंस दुनिया के सामने ला चुका है। साइंस मानता है कि जिन रहस्यों का पता अभी तक नही चल पाया है एक दिन उसका पता लगा लेंगे। लेकिन परमात्मा बुद्धिवानो की बुद्धि है, ज्ञान का सागर है। परमात्मा उन रहस्यों से पर्दा उठा रहे है जिन्हें उनके अलावा किसी और से जाना ही नही जा सकता। यही आध्यात्मिक ज्ञान है।
सबसे पहला ज्ञान यह है कि आत्मा रूप मे सभी मनुष्य एक परमात्मा की संतान है। परमात्मा हमे भक्त से बच्चा बना लिया, फरियादी से अधिकारी बना दिया, यह अनुभव अपार खुशी का अनुभव सदा कराते रहता है। पर इसके लिये आवश्यक है परमात्मा का साथ वफादारी से निभाना। आपने आगे बताया कि स्व परिवर्तन से ही विश्व का परिवर्तन होगा l परिवर्तन की शुरुआत सर्वप्रथम खुद से करनी चाहिए lइस संस्था का लक्ष्य है; शांतिमय विश्व की पुनर्स्थापना जिसका आधार है “स्व परिवर्तन से विश्व परिवर्तन”। परमात्मा द्वारा शिक्षित राजयोग मेडिटेशन एक ऐसा अभ्यास है जिसके माध्यम से हम परमात्मा से जुड़ना सीखते हैं। राजयोग के नियमित अभ्यास से हम परमात्मा से सर्व संबंधों की अनुभूति एवं सर्व शक्तियों की स्वयं में धारणा कर सकते हैं। यह एक बेहद सरल परंतु शक्तिशाली अभ्यास है, जो कहीं भी, किसी भी समय और खुली आँखों के साथ किया जा सकता है। बी. के भगवती दीदी ने बताया कि निःशुल्क योग शिविर की शुरुआत 20 अप्रैल, रविवार,सुबह 7-8 बजे तथा शाम 7-8 बजे से हो रही है जिसमें सभी को हार्दिक निमंत्रण है।


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