राम मंदिर से जुड़ी गौरवगाथा बनी सम्मेलन की विशेष चर्चा, संगठन ने घोषित की नई इकाइयाँ।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। आयोजन समिति ने सम्मेलन में पधारे सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया, वहीं सकल जैन समाज ट्रस्ट मंडल का स्वागत अतिथियों द्वारा किया गया। संगठन के अध्यक्ष श्री महावीर जैन ने शाब्दिक स्वागत कर सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया। इसके बाद संगठन के संयोजक नरेंद्र जैन ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
सम्मेलन में मुख्य वक्ताओं ने जैन समाज की सामाजिक भूमिका, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर सारगर्भित वक्तव्य दिए। खातेगांव नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि नरेंद्र चौधरी ने बताया कि अयोध्या में निर्मित राम मंदिर का मॉडल नेमावर के सिद्धक्षेत्र जैन मंदिर से प्रेरित है। उन्होंने बताया कि स्वयं राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय जी ने नेमावर आकर मंदिर का निरीक्षण किया और इसे आदर्श मानकर मंदिर निर्माण की प्रेरणा ली। चौधरी ने यह भी उल्लेख किया कि नेमावर मंदिर में राम मंदिर की तुलना में सवा गुना अधिक पत्थर का उपयोग किया जा रहा है, और इसके पूर्ण होने पर यह मंदिर विश्व प्रसिद्ध धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
संगठन के सचिव दिलीप चौधरी ने कहा कि संगठन की चार इकाइयाँ बनाई जाएंगी, जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जैन समाज को संगठित करने और सामाजिक विकास की दिशा में कार्य करेंगी। उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य जिले के अंतिम छोर तक समाजजनों तक पहुँचना है,
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और उनकी आवश्यकताओं, समस्याओं व उत्थान के लिए कार्य करना है। सम्मेलन में संयोजक नरेंद्र जैन ने संगठन की जिला समिति की घोषणा भी की।
साथ ही, संगठन को संभाग स्तर तक विस्तार देने हेतु उज्जैन जिले के संयोजक के रूप में नेमीचंद भेरूलाल जैन की नियुक्ति की गई। शेष इकाइयों का गठन शीघ्र किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन गौरव दुगड़ एवं राजेंद्र बट्ट द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया। अंत में आभार चापड़ा जैन समाज अध्यक्ष संतोष बरडिया ने व्यक्त किया। उक्त जानकारी दीपेश जैन द्वारा प्रदान की गई। सम्मेलन में जिले के सभी जैन ट्रस्ट मंडल के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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