माधव गार्डन सोनकच्छ जिला देवास में, संत रामपाल जी महाराज का एक दिवसीय सत्संग बीते रविवार संपन्न हुआ ।




भारत सागर न्यूज/देवास/संजू सिसोदिया। बीते रविवार को माधव गार्डन पोस्ट ऑफिस रोड सोनकच्छ नगर में संत रामपाल महाराज का सत्संग कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस आयोजन का प्रसारण L E D के माध्यम से किया गया। सत्संग के विशेष प्रसारण में, संत रामपाल महाराज ने राजा हरिश्चंद्र के सत्य व्रत की मार्मिक गाथा का वर्णन किया। महाराज ने बताया कि महर्षि विश्वामित्र ने हरिश्चंद्र को अपने वचन के कारण राजपाट, पत्नी और पुत्र सहित बेचकर श्मशान घाट पर काम करने के लिए विवश कर दिया था। 




सत्य की रक्षा करते हुए, राजा ने अपनी पत्नी से भी पुत्र रोहिताश्व के अंतिम संस्कार हेतु कर (टैक्स) माँगा। अंततः, भगवान विष्णु ने उन्हें दर्शन दिए और उनकी सत्यनिष्ठा के कारण उन्हें सपरिवार मोक्ष प्राप्त हुआ। संत रामपाल महाराज के अनुसार, यह वृतांत पूर्ण विश्वास से सतगुरु के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। महाराज जी ने सत्यव्रत के साथ ही पूर्ण सतगुरु और सच्चे' नाम' का जाप पर बल दिया। उन्होंने राजा जनक का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल अपनी कमाई के बल पर जीव को स्थायी मुक्ति मिल सकती है, सतनाम के बिना, जीव पुनः चौरासी के चक्र में आता है। 




सतगुरु रामपाल महाराज ने गरीबदास की वाणियों के हवाले से कलियुग के पतन की भविष्यवाणी कीः मनुष्य की आयु मात्र बीस वर्ष रह जाएगी, वृक्षों पर फल नहीं होंगे, नदियां सूख जाएंगी, और समाज में नैतिक संबंध भी समाप्त हो जाएंगे। संत रामपाल जी महाराज ने यह भविष्यवाणी को श्रद्धालुओं को बताया, कलियुग के अंत में संभल नगरी में पंडित विष्णुदास के घर 'निष्कलंक' अवतार होगा, जिनके मंत्री राजा हरिश्चंद्र समेत कई आत्माएं होंगी। अंत में, उन्होंने सभी भक्तों से आह्वान किया कि इस अनमोल मानव जीवन को सार्थक करने का एकमात्र उपाय सतगुरु रामपाल महाराज की शरण में आकर सच्चे नाम की कमाई करना है। महाराज के अनुसार, यही वह सुनिश्चित मार्ग है जो जीव को काल के बंधन से मुक्त कर शाश्वत सुख प्रदान करता है। सत्संग स्थल की पर्याप्त जानकारी भक्त सुरेश मालवीय,चेतन चावड़ा,प्रीतम परिहार ने दी

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