पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त करने से ही होगा राष्ट्र का विकास




भारत सागर न्यूज/देवास। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को आर्थिक, तकनीकी एवं विपणन सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उक्त उद्गार राहुल बालोदिया, डीपीएमयू देवास ने जन शिक्षण संस्थान, देवास में आयोजित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रशिक्षण कार्यक्रम में कहीं। 




उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक एवं आर्थिक समृद्धि में पारंपरिक शिल्प की अहम भूमिका है, और इन शिल्पकारों को आधुनिक युग के अनुरूप सशक्त बनाकर ही हम समावेशी विकास की दिशा में अग्रसर हो सकते हैं।संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मेहरड़े ने जानकारी दी कि यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है । 



मुख्य प्रशिक्षक श्रीमती रेखा पुनासिया द्वारा प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उन्नत तकनीकों, नवीन उपकरणों के उपयोग, बाजार संपर्क, संवाद कौशल आदि विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन दिया जावेगा। उद्घाटन सत्र का संचालन मोनिका बरेठा ने किया एवं आभार श्रीमती पूर्णिमा बाउस्कर ने माना। विशेष सहयोग सीताराम मालवीय, मुकेश रेकवाल एवं भावना मिश्रा का रहा।

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