स्मार्ट क्लास, 80 तक पहाड़े और 10 वर्षों की सतत सेवा से बने उत्कृष्ट शिक्षक परमानंद पिपलोदिया




भारत सागर न्यूज/संजू सिसोदिया/देवास। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, स्मार्ट शिक्षण पद्धतियों और निरंतर जनसेवा के माध्यम से शाला को आदर्श मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने वाले शासकीय सेटेलाइट शाला भोपापुरा के प्राथमिक शिक्षक परमानंद पिपलोदिया को कलेक्टर महोदय द्वारा उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। पिपलोदिया ने एक जर्जर अवस्था में पड़ी शाला को अपने समर्पण, नवाचार और जनसहयोग से नया स्वरूप प्रदान किया। आज विद्यालय में स्मार्ट क्लास के माध्यम से शिक्षण कराया जा रहा है, जहाँ बच्चे 80 तक पहाड़े फर्राटे से, गणितीय प्रश्नों का त्वरित समाधान तथा हिंदी व अंग्रेज़ी भाषा पर मजबूत पकड़ के साथ आत्मविश्वास से अध्ययन कर रहे हैं।




विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि पिपलोदिया द्वारा पिछले 10 वर्षों से लगातार जनसहयोग से विद्यालय के सभी बच्चों को स्वेटर, जूते, मोज़े एवं बॉडी लोशन वितरित किए जा रहे हैं। साथ ही साबुन, तेल, कंघी, बैग एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक व दैनिक उपयोग की सामग्री भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है, जिससे बच्चों का विद्यालय के प्रति लगाव बढ़ा है।




नियमित पालक संपर्क, घर-घर जाकर समझाइश और शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण के कारण आज गांव का एक भी बच्चा निजी विद्यालय में अध्ययन नहीं करता। विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, महापुरुषों की जयंती, स्वच्छता एवं जल संरक्षण जैसी गतिविधियाँ भी निरंतर आयोजित की जाती हैं।




कोरोना महामारी के दौरान भी मास्क व साबुन वितरण कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। वर्तमान में DIGI-LEP के माध्यम से डिजिटल शिक्षण कार्य भी किया जा रहा है। कलेक्टर महोदय द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान परमानंद पिपलोदिया की निष्ठा, समर्पण, सतत सेवा और नवाचारपूर्ण शिक्षण का प्रमाण है। यदि हर शिक्षक इसी भावना से कार्य करे, तो प्रत्येक विद्यालय उत्कृष्टता की मिसाल बन सकता है।

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