साहब मेरे द्वारा अनुविभागीय अधिकारी बागली को दिए गए आवेदन का निराकरण अविलम्ब करावें
- उदयनगर निवासी बुजुर्ग किसान रतन परिहार ने जनसुनवाई में कलेक्टर से की प्रार्थना
भारत सागर न्यूज/देवास। उदयनगर महाविद्यालय की प्रिंसिपल,भवन निर्माण ठेकेदार एवं पटवारी द्वारा किए गये अभद्र व्यवहार से दुखी होकर उदयनगर निवासी बुजुर्ग किसान रतन सिंह परिहार ने जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन देकर तत्काल समस्या हल करने का अनुरोध किया।
बुजुर्ग किसान ने बताया कि वर्ष 2000 में बंदोबस्त के दौरान मौके अनुसार राजस्व रिकॉर्ड मेंरी कृषि भूमि दर्ज नहीं की गई। मेरे स्वामित्व व अधिपत्य की कृषि भूमि जिस पर पचासों वर्षों से मै पूर्वजो के समय से खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता आ रहा हूं, इस जमीन को वर्तमान में शासकीय भूमि बता रहे हैं।
उक्त भूमि से मुझे असंवैधानिक तरीके से उदयनगर महाविद्यालय की प्रिंसिपल, भवन ठेकेदार, राजस्व निरीक्षक व पटवारी द्वारा बेदखल करने का प्रयास किया जा रहे है। यह मैं बर्दाश्त नहीं कर पाऊंगां। मेरे द्वारा 19 नवंबर 2025 को इस संबंध में एक आवेदन माननीय न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी बागली को दिया था।
जिसका आज दिनांक तक कोई निराकरण नहीं हुआ। पुराने रिकॉर्ड अनुसार इंद्राज दुरस्ती होने पर ही वास्तविकता सामने आएगी। ये लोग अपने पद के अधिकारों का दुरुपयोग कर सरेआम मनमानी कर मेरे साथ अन्याय कर रहे हैं।
इन्होंने मेरे साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे मैं बहुत मानसिक तनाव में हूं। उक्त मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कर मुझे मेरे स्वामित्व की कृषि भूमि से बेदखल नहीं किया जाए।



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